(अदिति खन्ना)
लंदन, दो नवंबर ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने सोमवार को विदेशी स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए स्थायी निवास की प्रतीक्षा अवधि पांच साल से बढ़ाकर 15 साल करने के अपने पहले के सख्त रुख में बदलाव किया है जिससे स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल वीजा के तहत ब्रिटेन गए हजारों भारतीयों को लाभ मिलने की उम्मीद है। महमूद ने संसद को बताया कि सरकार ने एक ‘‘न्यायसंगत व्यवस्था’’ तैयार की है, जिसके तहत कोविड-19 महामारी के बाद ब्रिटेन की जरूरत के समय वहां काम करने आए स्वास्थ्य कर्मियों को पहले की तरह पांच साल में ही स्थायी निवास की अनुमति मिलेगी। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के इस साल जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल श्रेणी के तहत वीजा की अवधि बढ़वाने वाले लोगों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है।
दिसंबर 2025 को समाप्त हुए वर्ष में भारतीयों को 1,04,555 बार वीजा की अवधि बढ़ाने की मंजूरी दी गई थी। इनमें से अधिकांश लोग अब पहले से निर्धारित पांच साल की अवधि में ही ‘इंडेफिनिट लीव टू रिमेन’ (आईएलआर) यानी ब्रिटेन में अनिश्चितकाल तक रहने की अनुमति पाने के पात्र होंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने एक बयान में कहा, ‘‘लोग ऐसी आव्रजन व्यवस्था चाहते हैं, जिसमें सरकार का नियंत्रण हो, देश में योगदान देने वालों को महत्व मिले और नियमों का पालन करने वालों को इसका लाभ मिले।
ये प्रस्ताव इसी सिद्धांत पर आधारित हैं और हमारे देश में विदेशी कर्मियों के योगदान को मान्यता देते हैं।’’

