नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर में मौसम ने अचानक ऐसा करवट लिया है कि दिवाली से पहले ही दिसंबर जैसी कड़ाके की सर्दी का अहसास होने लगा है। लगातार बेमौसम बारिश, ठंडी बर्फीली हवाओं और घने बादलों के चलते दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे गिरकर 20.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अक्टूबर के महीने में दिन के तापमान में आई यह ऐतिहासिक गिरावट पिछले 75 सालों में सबसे कम दर्ज की गई है।
अचानक बदले इस मिजाज ने राजधानी में ठंड का दशकों पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। लोग अभी पंखे-कूलर बंद करने की सोच ही रहे थे कि घरों में अलमारियों से गर्म कपड़े, जैकेट और रजाईयां बाहर निकालनी पड़ गईं।
पहाड़ों पर बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बना वजह
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक, तापमान में आए इस अप्रत्याशित बदलाव के पीछे मुख्य वजह एक अत्यंत सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण है। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई।
पहाड़ों से होकर मैदानी इलाकों की ओर बह रही तेज बर्फीली उत्तरी हवाओं और दिल्ली में हुई मध्यम से तेज बारिश ने दिन के पारे को सीधा नीचे गिरा दिया। दिनभर आसमान में घने काले बादल छाए रहने के कारण धूप की तपिश धरती तक नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस पर ही सिमट गया। आम तौर पर अक्टूबर के अंत में दिल्ली का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है।
प्रदूषण से बड़ी राहत, एक्यूआई ‘अच्छी’ श्रेणी में
इस बेमौसम बरसात और तेज ठंडी हवाओं का एक सकारात्मक पहलू भी देखने को मिला है। हर साल अक्टूबर के इस समय दिल्ली की हवा जहरीली होने लगती थी और पराली व धूल के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बेहद खराब’ या ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच जाता था।
बारिश ने हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों को धो डाला है, जिससे दिल्ली-एनसीआर का समग्र AQI सुधरकर ‘अच्छी’ (Good) और ‘संतोषजनक’ (Satisfactory) श्रेणी में दर्ज किया गया। पिछले कई वर्षों में अक्टूबर के महीने में दिल्लीवासियों को इतनी साफ और ताजी हवा में सांस लेने का मौका पहली बार मिला है।
आम जनजीवन प्रभावित और स्वास्थ्य चेतावनी
दिन के तापमान में सामान्य से 10 से 12 डिग्री तक की भारी गिरावट ने आम जनजीवन को सीधे प्रभावित किया है। सुबह-शाम के समय दोपहिया वाहन चालकों और दफ्तर जाने वाले लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस अचानक आए बदलाव को लेकर विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में आई अचानक गिरावट से वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, गले में संक्रमण और अस्थमा के मरीजों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनने और ठंडे पेय पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों में बारिश की गतिविधि धीमी होने के बाद आंशिक धूप निकल सकती है, लेकिन सुबह और रात की ठिठुरन अब लगातार बनी रहेगी।
