नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में बीती शाम संगीत, ऊर्जा और दीवानगी का एक ऐसा सैलाब देखने को मिला, जिसकी मिसाल लंबे समय तक दी जाएगी। ग्लोबल पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ के बहुचर्चित ‘ऑरा टूर’ (Aura Tour) का भारत में आधिकारिक आगाज दिल्ली के ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम से हुआ। मौसम के बिगड़े मिजाज, मूसलाधार बारिश, किलोमीटर लंबी कतारों और एंट्री गेट्स पर मची अफरा-तफरी के बावजूद प्रशंसकों का जोश रत्ती भर भी कम नहीं हुआ। जैसे ही दिलजीत ने हाथ में तिरंगा थामे मंच पर कदम रखा और उनका सिग्नेचर डायलॉग— “पंजाबी आ गए ओये!” गूंजा, पूरा स्टेडियम तालियों और सीटियों के गड़गड़ाहट से दहल उठा।
घंटों पहले से स्टेडियम के बाहर उमड़ा जनसैलाब
कार्यक्रम शाम 7:00 बजे शुरू होना निर्धारित था, लेकिन दोपहर 2:00 बजे से ही लोधी रोड, जंगपुरा और बारापूला फ्लाईओवर के आसपास फैंस की भारी भीड़ जुटने लगी थी। रंग-बिरंगी पगड़ियों, पारंपरिक कुर्तों, ट्रेंडी ओवरसाइज़्ड जैकेट्स और दिलजीत के फेस-प्रिंट वाली टी-शर्ट्स में सजे युवाओं की लंबी कतारें स्टेडियम के सभी प्रमुख द्वारों पर नजर आ रही थीं।
शाम होते-होते आसमान में काले बादल घिर आए और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण जलजमाव हुआ और टिकट स्कैनिंग व सुरक्षा जांच काउंटरों पर भारी दबाव बन गया। कई प्रशंसकों को अंदर पहुंचने के लिए दो से तीन घंटे तक भीगते हुए लाइनों में खड़े रहना पड़ा। इसके बावजूद माहौल में मायूसी की जगह सिर्फ एक ही गूंज थी— दिलजीत के गानों के बोल और उनका बेसब्री से इंतजार।
तिरंगा, आतिशबाजी और मंच पर ऐतिहासिक एंट्री
रात करीब 8:00 बजे जब स्टेडियम की फ्लड लाइट्स मद्धम हुईं और विशालकाय एलईडी स्क्रीन पर विजुअल इफेक्ट्स शुरू हुए, तो 40,000 से अधिक दर्शकों की सांसें थम गईं। ड्रम्स की थाप और लेजर लाइट्स के बीच दिलजीत दोसांझ मंच पर अवतरित हुए।
दिलजीत ने मंच पर आते ही भारतीय ध्वज को नमन किया और हाथ जोड़कर दिल्ली की जनता का अभिवादन किया। इसके बाद जब उन्होंने माइक संभाला और अपनी बुलंद आवाज में कहा, “दिल्ली वालियो! पंजाबियों की तरफ से प्यार… पंजाबी आ गए ओये!”, तो स्टेडियम में मौजूद हर शख्स अपनी जगह पर खड़ा होकर झूमने लगा।
सुपरहिट गानों की झड़ी: जब नॉन-स्टॉप नाची दिल्ली
– दिलजीत ने अपने परफॉर्मेंस की शुरुआत सुपरहिट ट्रैक ‘GOAT’ से की। इसके बाद उन्होंने अपने करियर के एक से बढ़कर एक चार्टबस्टर गाने पेश किए।
– लवर (Lover) और नैना (Naina): जब दिलजीत ने रोमांटिक ट्रैक्स गाए, तो पूरा स्टेडियम मोबाइल टॉर्च की रोशनी से जगमगा उठा। ऐसा लग रहा था मानो जमीन पर सितारों का समंदर उतर आया हो।
– बॉर्न टू शाइन (Born to Shine) और लेम्बोर्गिनी: इन हाई-वोल्टेज गानों पर ग्राउंड से लेकर स्टैंड्स तक मौजूद दर्शक थिरकते रहे।
– पटियाला पैग और 5 तारा: अपने पुराने क्लासिक भांगड़ा ट्रैक्स के साथ दिलजीत ने स्टेडियम का तापमान और बढ़ा दिया। ढोल की ताल और दिलजीत के भांगड़ा स्टेप्स ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दिलजीत ने मंच से अपने फैंस से सीधा संवाद भी साधा। उन्होंने बारिश में भीगते हुए भी उनका साथ देने और घंटों इंतजार करने के लिए दिल्लीवासियों का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “कलाकार अपने चाहने वालों के प्यार से ही बनता है, और दिल्ली का यह प्यार मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकता।”
बाहर अव्यवस्था और ट्रैफिक जाम से जूझी राजधानी
एक तरफ स्टेडियम के भीतर संगीत का उत्सव चरम पर था, तो दूसरी तरफ स्टेडियम के बाहर और दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आई।
ट्रैफिक का चक्का जाम: बारापूला, मूलचंद, लाजपत नगर, एंड्रयूज गंज और भीष्म पितामह मार्ग पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात करने पड़े।
कैब और ऑटो का संकट: कंसर्ट खत्म होने के बाद देर रात कैब एग्रीगेटर ऐप्स पर किराया सामान्य से चार गुना अधिक (सर्ज प्राइसिंग) पहुंच गया। कई लोगों को कैब न मिलने के कारण पैदल ही नजदीकी मेट्रो स्टेशनों तक जाना पड़ा।
एंट्री गेट्स पर धक्का-मुक्की: सोशल मीडिया पर कई फैंस ने व्यवस्थापकों की लचर प्लानिंग की शिकायत की। वीआईपी और जनरल एंट्री गेट्स पर मेटल डिटेक्टर्स और स्कैनिंग मशीनों की धीमी गति के कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बना। हालांकि, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया।
सिर्फ कॉन्सर्ट नहीं, एक सांस्कृतिक लहर
दिलजीत दोसांझ का यह शो केवल एक म्यूजिकल कॉन्सर्ट नहीं था, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारतीय और पंजाबी संगीत के बढ़ते प्रभुत्व का जीता-जागता प्रमाण था। कोचेला (Coachella) और जिमी फॉलन के अमेरिकी टॉक शो में इतिहास रचने के बाद जब दिलजीत अपनी मिट्टी पर लौटे, तो उनका स्वागत किसी राष्ट्रीय नायक की तरह हुआ।
दिल्ली के इस पहले शो की जबरदस्त कामयाबी ने साबित कर दिया है कि दिलजीत दोसांझ आज देश के सबसे बड़े लाइव परफॉर्मर क्यों कहे जाते हैं। तमाम प्रशासनिक दुश्वारियों, बारिश और ठंड की शुरुआत के बीच यह रात संगीत प्रेमियों के जेहन में हमेशा के लिए दर्ज हो गई। दिल्ली को झूमने पर मजबूर करने के बाद, अब ‘ऑरा टूर’ का यह कारवां देश के अगले प्रमुख शहरों की ओर कूच करेगा।
