नीट यूजी की शुरुआत कब हुई थीImage Credit source: Freepik
NEET UG 2026: भारत में मेडिकल सेक्टर में करियर बनाने के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) अनिवार्य हैं. दूसरे शब्दों में समझें तो 12वीं के बाद MBBS, BDS, BAMS, जैसे मेडिकल कोर्सों में एडमिशन लेना है तो नीट यूजी को अनिवार्य रूप से पास करना होगा, लेकिन अक्सर मन में ये सवाल आता है कि आखिर मेडिकल में एडमिशन के लिए भारत में कब से नीट काे अनिवार्य किया गया है? नीट से पहले भारत में MBBS समेत अन्य मेडिकल कोर्सों में एडमिशन के लिए कौन सा एग्जाम होता था?
आइए इस पर विस्तार से बात करते हैं. जानते हैं कि भारत में नीट यूजी की शुरुआत कब हुई? उससे पहले मेडिकल में दाखिला के लिए भारत में कौन सा एंट्रेंस एग्जाम होता था? साथ ही ये भी जानेंगे कि नीट यूजी में कितने कैंडिडेट्स शामिल होते हैं?
नीट यूजी की शुरुआत कब और कैसे हुई थी?
MBBS समेत पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सों में एडमिशन के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने नीटके आयोजन का प्रस्ताव 2012 में रखा था, लेकिन कई कारणों से नीट का आयोजन एक साल की देरी से हुआ. 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में नीट को निरस्त कर दिया. इस वजह से साल 2014 और 2015 में भी नीट यूजी का आयोजन नहीं हो सका. इसके बाद 2016 में नीट यूजी का आयोजन किया गया. वहीं 2019 से एनटीए की तरफ से नीट का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान सीबीएसई ने नीट यूजी का आयोजन किया.
कैसे हुई थी शुरुआत: नीट यूजी के शुरुआत का कारण इससे पहले होने वाला मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम का सिस्टम था. इस सिस्टम में सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी में एंट्रेंस एग्जाम होता था. तो वहीं एग्जाम पैटर्न को भी आलोचना का सामना करना पड़ा. इस वजह से नीट यूजी को देश के एक मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम के तौर पर शुरू करने की कवायद शुरू हुई.
किन भाषाओं में नीट का आयोजन, कितने कैंडिडेट्स होते हैं शामिल
नीट यूजी का आयोजन हिंदी, इंंग्लिश के साथ ही भारत की कई क्षेत्रीय भाषाओं में होता है, जिसके तहत तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, असमिया, गुजराती,कन्नड़ और उड़िया भाषा में नीट यूजी का आयोजन किया जाता है. कुल 13 भाषाओं में नीट यूजी का आयोजन होता है.वहीं नीट यूजी में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स की बात करें तो पिछले साल 20 लाख से अधिक कैंडिडेट्स नीट यूजी में शामिल हुए थे.
NEET UG से पहले AIPMT, CPMT समेत स्टेट एंट्रेंस एग्जाम
AIPMT:नीट यूजी से पहले भारत में MBBS समेत अन्य मेडिकल कोर्सों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया पैरा मेडिकल टेस्ट (AIPMT) का आयोजन किया जाता था. ये नेशनल लेवल का मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम था. 2012 में इसकी जगह ही नीट यूजी काे शुरू किया गया. तो 2016 में AIMPT को ही नीट यूजी की तरह आयोजित किया गया. 1988 से 2012 तक AIPMT से देश में MBBS समेत अन्य मेडिकल कोर्सों में एडमिशन हुआ.
CPMT व अन्य स्टेट एंट्रेंस एग्जाम: वहीं AIPMT के अलावा राज्यों की तरफ से भी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम आयोजित किए जाते थे. इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से कंबाइंड प्री मेडिकल टेस्ट (CPMT) का आयोजन करती थी. इसके स्कोर के आधार पर MBBS, BDS, BAMS, BHMS जैसे मेडिकल कोर्सोा में एडमिशन दिया जाता था. इसके साथ ही अन्य राज्य सरकारें भी मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करती थी. तो वहीं कई मेडिकल कॉलेज भी एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करते थे.

