NEET UG स्कोर से MBBS में एडमिशनImage Credit source: Social Media
NEET UG: भारत में डॉक्टर बनने के लिए नेशनल एंट्रेंस कम एलिजबिलिटी टेस्ट (NEET) UG में स्कोर करना होता है. मतलब, NEET UG के स्कोर के आधार पर ही MBBS में एडमिशन मिलता है और MBBS की डिग्री पूरी करने के बाद ही कोई स्टूडेंट डॉक्टर बनता है. वहीं NEET PG से स्पेशलाइज्ड डॉक्टर बनने का रास्ता खुलता है. MBBS पूरा कर चुके और स्पेशलाइज्ड डॉक्टरों के लिए विदेश में बतौर डाॅक्टर प्रैक्टिस करने का मौका है. जी हां… कनाडा भारतीय डॉक्टरों को एक्सप्रेस वीजा दे रहा है. यानी भारतीय डॉक्टरों का कनाडा स्वागत करने जा रहा है.
आइए जानते हैं कि कनाडा का एक्सप्रेस वीजा क्या है? कितने भारतीय डॉक्टरों को इस वीजा सिस्टम के तहत कनाडा में काम करने का मौका मिलेगा? जानेंगे कि कैसे इसका फायदा उठा सकते हैं.
इस महीने के अंत से शुरुआत, पहले फेस में 6 हजार डॉक्टरों को मौका
कनाडा अपना हेल्थ सिस्टम मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है. इसी कड़ी में कनाडा भारतीय डॉक्टरों के लिए एक्सप्रेस वीजा योजना लागू करने जा रहा है, जिसकी शुरुआत इस महीने यानी जनवरी के अंत से संभव है. जानकारी के मुताबिक एक्सप्रेस वीजा योजना लागू होने के बाद पहले फेस में 6 हजार डॉक्टरों की कनाडा में नियुक्ति होगी. इसमें 5 हजार डॉक्टरों की नियुक्ति कनाडा के राज्यों के लिए होनी है, तो वहीं एक हजार डॉक्टरों की नियुक्ति कनाडा फेडरेल के लिए होनी है. भारतीय डाॅक्टर भी एक्सप्रेस वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं.
क्या है एक्सप्रेस वीजा? युवा डॉक्टरों के लिए ज्यादा मौके
कनाडा के एक्सप्रेस वीजा योजना एक पॉइंट बेस्ड सिलेक्शन स्कीम है. इसमें कनाडा की सरकार कैंडिडेट्स की उम्र, एजुकेशन, एक्सपीरियंस के आधार पर कैंडिडेट्स को पॉइंट देती है और उनका चयन होता है. मुख्य तौर पर इस वीजा योजना में युवा डॉक्टरों को मौके ज्यादा दिए जाने हैं, उन्हें अधिक मौके मिलेंगे. इसके पीछे तर्क ये है कि कम उम्र वाले कैंडिडेट्स को वीजा देने से वह अधिक समय तक कनाडा में काम कर सकेंगे. वहीं एक्सप्रेस वीजा योजना कनाडा में परमानेंट रेजीडेंसी का रास्ता खोलती है. इस स्कीम के तहत कनाडा में नौकरी के लिए पहले से काम कर रहे और नए भारतीय डॉक्टर्स आवेदन कर सकते हैं.

