इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक और पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसने क्रिकेट जगत से लेकर अंडरवर्ल्ड के गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। ललित मोदी के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके ‘डी-कंपनी’ सिंडिकेट से लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियां ही वो सबसे बड़ी वजह थीं, जिसके चलते उन्होंने हमेशा के लिए क्रिकेट प्रशासन से दूरी बना ली। समाचार एजेंसी ANI को दिए एक विस्फोटक इंटरव्यू में, भारत के अरबों डॉलर के टी20 टूर्नामेंट (IPL) के सूत्रधार रहे ललित मोदी ने वसूली की कोशिशों, हत्या की साजिशों और एक खौफनाक रात की उस कहानी का पर्दाफाश किया है, जब सैटेलाइट फोन के जरिए उनका सामना सीधे भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से हुआ था।
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सट्टेबाजी का ‘सिंडिकेट’ और आधी रात का वो फोन कॉल
वित्तीय और प्रशासनिक जांचों के बीच साल 2010 में भारत छोड़ने के बाद से लंदन में रह रहे ललित मोदी ने बताया कि आईपीएल की शुरुआत के साथ ही अंडरवर्ल्ड उन पर हावी होना चाहता था। ललित मोदी के अनुसार मैंने डी-कंपनी के अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को आईपीएल में एंट्री देने और उनके हिसाब से चीजें चलाने से साफ इनकार कर दिया था। बस इसी इनकार ने मुझे डी-कंपनी के निशाने पर ला खड़ा किया। मोदी ने खुलासा किया कि उन्हें झुकने के लिए मजबूर करने के मकसद से लगातार जबरन वसूली के फोन आ रहे थे और उनकी जान लेने की साजिशें रची जा रही थीं। बात इतनी बढ़ गई थी कि एक रात सीधे सैटेलाइट फोन के जरिए दाऊद इब्राहिम से उनका आमना-सामना कराया गया, ताकि उन्हें डराया जा सके।
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सुरक्षा के साये में कटे दिन और भारत छोड़ने का फैसला
ललित मोदी ने साफ किया कि यह कोई मामूली धमकी नहीं थी, बल्कि एक ऐसा खौफ था जो उनके और उनके परिवार के सिर पर चौबीसों घंटे मंडराता रहता था। हालांकि भारतीय क्रिकेट को दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड बनाने के पीछे उनका दिमाग था, लेकिन अंडरवर्ल्ड के इस लगातार बढ़ते दबाव और जान के खतरे ने उन्हें अंदर तक हिला दिया था। क्रिकेट के इस पूर्व ‘बॉस’ का यह बयान अब सोशल मीडिया से लेकर खेल जगत में तेजी से वायरल हो रहा है। इस खुलासे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट के सबसे चकाचौंध भरे फॉर्मेट यानी आईपीएल के पीछे की दुनिया कितनी खतरनाक और खौफनाक रही है।
अभी से तुम्हारा सब काम खत्म…
ललित मोदी के अनुसार, सबसे सीधा टकराव 2012 में लंदन में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि लंदन स्थित एक दलाल ने उनसे सुबह 3:30 बजे संपर्क किया और उन पर बाबा के नाम से जाने जाने वाले एक प्रभावशाली मध्यस्थ के पेंटहाउस अपार्टमेंट में जाने का दबाव डाला। वहाँ पहुँचते ही, मध्यस्थ कथित तौर पर छत पर गया, सैटेलाइट फोन से दाऊद इब्राहिम को फोन किया और भगोड़े को स्पीकरफोन पर डालकर मोदी से बात करवाई। ललित मोदी ने एएनआई को बताया, मैं डर के मारे कांप गया था, मैं आपको बता रहा हूँ। इसमें कोई शक नहीं। ठीक उसी समय। उन्होंने आगे बताया कि उस समय ब्रिटिश एमआई5 की सुरक्षा नीचे तैनात थी। वह बस इतना कहता है, अभी से तुम्हारा सब काम खत्म’ और फोन रख देता है। मोदी ने आरोप लगाया कि इसके बाद बिचौलिए के साप्ताहिक फोन आने शुरू हो गए, जो वित्तीय मुआवजे की मांग करता था और दावा करता था कि अंडरवर्ल्ड आईपीएल फ्रेंचाइजी पर नियंत्रण चाहता है। सिंडिकेट ने कथित तौर पर तर्क दिया कि मोदी पर उनका कर्ज है क्योंकि उनके प्रशासनिक फैसलों के कारण उन्हें सट्टा बाजार में भारी नुकसान हुआ था।
क्रिकेट छोड़ने का फैसला
जब मोदी से पूछा गया कि उन्हें अंडरवर्ल्ड की सक्रिय हिट लिस्ट से आखिरकार कैसे हटाया गया, तो उन्होंने खुलासा किया कि खेल से उनका बाहर निकलना ही अंतिम सौदेबाजी का हथियार था। उन्होंने दावा किया कि सिंडिकेट ने अंततः एक लाइव बयान प्रसारित किया जिसमें घोषणा की गई कि उनके साथ उनके मुद्दे सुलझ गए हैं। मोदी ने स्पष्ट किया, मैंने इसे सुलझाया नहीं। मैंने बस कहा कि मैं क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूँ। मैंने अपना वचन दिया। मैं संन्यास ले रहा हूँ। जब उनसे स्पष्ट रूप से पूछा गया कि क्या दाऊद इब्राहिम क्रिकेट जगत से उनके पूर्ण अलगाव के पीछे मुख्य कारण था, तो मोदी ने जवाब दिया: यह सबसे बड़े कारणों में से एक है।

