लार्सन एंड टुब्रो
इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने सितंबर तिमाही (Q2) में शानदार नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 16% बढ़कर ₹3,926 करोड़ पहुंच गया, जबकि राजस्व (Revenue) 10% बढ़कर ₹67,984 करोड़ रहा. इस तिमाही में कंपनी का EBITDA ₹6,806 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 7% ज्यादा है, हालांकि मार्जिन थोड़ा घटकर 10% पर आ गया.
कंपनी के चेयरमैन और MD एस. एन. सुब्रह्मण्यन ने कहा, हमारे सभी क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन से साफ है कि L&T EPC (Engineering, Procurement, Construction) क्षेत्र में अपनी लीडरशिप बनाए हुए है. बड़ी-बड़ी डील्स हासिल करने की हमारी क्षमता इसका सबूत है.
तिमाही में मिले रिकॉर्ड ऑर्डर
L&T को इस तिमाही में ₹1.15 लाख करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जो पिछले साल की तुलना में 45% ज्यादा हैं. कंपनी को पब्लिक स्पेस, डेटा सेंटर, कमर्शियल बिल्डिंग, मेट्रो, हाइड्रो पावर, टनल, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल्स और हाइड्रोकार्बन सेक्टर (ऑफशोर और ऑनशोर दोनों) से बड़े ऑर्डर मिले. इसमें से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर ₹75,561 करोड़ के रहे, जो कुल ऑर्डर बुक का 65% हिस्सा हैं. सितंबर 2025 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹6.67 लाख करोड़ पर पहुंच गई है, जो मार्च 2025 की तुलना में 15% ज्यादा है.
इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट
इस सेगमेंट ने ₹52,686 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए, जो पिछले साल की तुलना में 6% ज्यादा हैं. हालांकि राजस्व 1% घटकर ₹31,759 करोड़ पर आ गया क्योंकि वॉटर प्रोजेक्ट्स की प्रगति धीमी रही और लंबे मॉनसून का असर पड़ा. इस सेगमेंट का EBITDA मार्जिन 6.3% रहा.
एनर्जी सेगमेंट
एनर्जी बिजनेस को ₹38,156 करोड़ के ऑर्डर मिले, जो पिछले साल की तुलना में दो गुना से भी ज्यादा हैं. इसका मुख्य कारण हाइड्रोकार्बन सेक्टर में बड़े ऑनशोर और ऑफशोर प्रोजेक्ट्स मिले. सेगमेंट का राजस्व 48% बढ़कर ₹13,082 करोड़ हो गया. हालांकि EBITDA मार्जिन 7.3% रहा, जो पिछले साल के 8.9% से थोड़ा कम है.
हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग
इस सेगमेंट को ₹2,582 करोड़ के ऑर्डर मिले, जो 34% कम हैं क्योंकि कुछ ऑर्डर आगे के लिए टाल दिए गए. फिर भी इसका राजस्व 33% बढ़कर ₹2,754 करोड़ रहा. एक्सपोर्ट ऑर्डर कुल का 18% हिस्सा रहे.
