मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के चरम पर होने के बावजूद सोना और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है। आमतौर पर ऐसी अनिश्चित परिस्थितियों में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार ट्रेंड इसके बिल्कुल उलट देखने को मिल रहा है। सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया।सबसे बड़ा झटका चांदी की कीमतों में देखने को मिला। सोमवार को एमसीएक्स पर चांदी अचानक करीब 15,000 रुपये तक सस्ती हो गई। इसके बाद 1 किलोग्राम चांदी का भाव गिरकर 2,11,729 रुपये पर आ गया। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि अगर इसके उच्चतम स्तर से तुलना की जाए, तो चांदी अब तक अपने पीक प्राइस से 2 लाख रुपये से भी ज्यादा नीचे आ चुकी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट हाल के वर्षों में सबसे तेज और असामान्य मानी जा रही है।वहीं, सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। सप्ताह के पहले दिन जैसे ही बाजार खुला, सोने के वायदा भाव में भारी गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोना अपने पिछले बंद के मुकाबले खुलते ही 8,000 रुपये से ज्यादा टूट गया। शुरुआती कारोबार में सोना और चांदी दोनों ही 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए, जो यह दर्शाता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव काफी अधिक है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हो सकते हैं। एक प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी जैसे धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ता है, क्योंकि ये आमतौर पर डॉलर में ट्रेड होती हैं। इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी निवेशकों को सोने से दूर कर रही है, क्योंकि बॉन्ड में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।इसके अलावा, हाल के दिनों में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) भी इस गिरावट की बड़ी वजह मानी जा रही है। जब कीमतें लगातार ऊंचाई पर पहुंच जाती हैं, तो बड़े निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं, जिससे बाजार में गिरावट आती है। यही स्थिति इस समय सोना-चांदी के बाजार में देखने को मिल रही है।हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात आमतौर पर सोने की कीमतों को बढ़ाने का काम करते हैं, लेकिन इस बार बाजार में अन्य आर्थिक संकेतकों का प्रभाव ज्यादा दिखाई दे रहा है। निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक नीतियों, ब्याज दरों और डॉलर की स्थिति को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।इस गिरावट का असर आम निवेशकों और ज्वेलरी बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। जहां एक ओर निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आम ग्राहकों के लिए यह खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है। शादी-ब्याह के सीजन में सोना-चांदी सस्ता होना ग्राहकों के लिए राहत की खबर है।आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पूरी तरह से वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। यदि डॉलर कमजोर होता है या वैश्विक तनाव और बढ़ता है, तो सोना-चांदी में फिर से तेजी आ सकती है। फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशकों को सावधानी के साथ निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।
रिपोर्ट – अभिनव गुप्ता
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Desk SBN : सोना-चांदी में भारी गिरावट, युद्ध के बीच टूटा बाजार, निवेशकों में मचा हड़कंप
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