कौन हैं साई जाधवImage Credit source: Social Media
Lieutenant Sai Jadhav: इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) की 157वीं पासिंग आउट परेड रविवार को देहरादून में संपन्न हो गई है. IMA पासिंग आउट परेड के बाद देश को 491 लेफ्टिनेंट मिले हैं. ट्रेनिंग के बाद ये कैडेट् स लेफ्टिनेंट बने हैं. इसमें साई जाधव भी हैं. पासिंग आउट परेड के बाद उनका नाम IMA के इतिहास में दर्ज हो गया है. वह IMA के 93 सालों के इतिहास में कमीशन प्राप्त करने वाली पहली महिला कैंडिडेट हैं.
आइए जानते हैं IMA का सफर…जानेंगे कि कब IMA की स्थापना की गई थी? अब तक कितने कैडेट IMA से ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ऑफिसर बन चुके हैं? जानेंगे कि इतिहास रचने वाली लेफ्टिनेंट साई जाधव कौन हैं?
1932 में स्थापना, अब तक 67 हजार कैडेट बने अधिकारी
IMA अपनी स्थापना के 93वें वर्ष में प्रवेश कर गया है. देहरादून में साल 1992 में IMA की स्थापना की गई थी. सेना के अधिकारियों को ट्रेनिंग देने के मकसद से IMA की स्थापना की गई थी. IMA अपनी स्थापना से अब तक 67 हजार कैडेट्स को ट्रेनिंग दे चुकी हैं यानी 67 हजार कैडेट अभी तक IMA से ट्रेनिंग पूरी कर अधिकारी बन चुके हैं.
महाराष्ट्र की साई जाधव बनीं पहली महिला अधिकारी
महाराष्ट्र की साई जाधव IMA से ट्रेनिंग पूरी कर लेफ्टिनेंट बनने वाली देश की पहली महिला कैडेट हैं. साई जाधव महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली हैं. पासिंग पाउड परेड पूरी करने के बाद उनका नाम IMA के इतिहास में दर्ज हो गया है. वह टेरिटोरियल आर्मी में पहली महिला लेफ्टिनेंट बनीं हैं. उनके पिता भी आर्मी में हैं. उनका चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा और SSB इंटरव्यू पास करने के बाद हुआ था. इसके बाद 6 महीने की ट्रेनिंग पूरी की. अब वह आर्मी अधिकारी बन गई हैं. वहटेरिटोरियल आर्मी के स्पेशल ट्रेनिंग कोर्स में शामिल 16 ऑफिसर कैडेट्स में अकेली महिला थीं.
जून 2026 से महिलाआएं कैडेट्स भी POP में
IMA की अगली पासिंग आउट परेड यानी POP जून में प्रस्तावित है. इस परेड में पहली बार महिला कैडेट्स भी शामिल होंगी. यानी जून में देश को पहला महिला अधिकारी बैच मिल रहा है. हालांकि इससे पहले साई जाधव ने ट्रेनिंग पूरी कर IMA के इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया है.

