जेईई मेन्स परीक्षा का आयोजन NTA की ओर से किया जाएगा.
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जेईई मेन्स 2026 सेशन 1 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समाप्त हो गई है. अप्लाई करने की लास्ट डेट 27 नवंबर थी. परीक्षा का आयोजन एनटीए की ओर से देश भर में निर्धारित विभिन्न केंद्रों पर 21 से 30 जनवरी 2026 के बीच किया जाएगा. जेईई मेन्स का आयोजन कुल दो सेशन में किया जाएगा. दूसरा सेशन अप्रैल 2026 में आयोजित किया जाएगा. जेईई मेन्स में टाॅप रैंक वाले स्टूडेंट्स जेईई एडवास्ड की परीक्षा देंगे. आईआईटी में दाखिला जेईई एडवास्ड स्कोर और रैंक के आधार पर ही होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि किस आईआईटी में बीटेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पहले शुरू हुई थी.
बीटेक कंप्यूटर साइंस की डिमांड पिछले कई सालों से लगातार बनी हुई है और आने वाले सालों में भी इंजीनियरिंग के इस ब्रांच की डिमांड रहेगी. यह बीटेक की टाॅप पॉपुलर ब्रांच है. बीटेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के बाद जाॅब की टेंशन नहीं होती है. अगर किसी छात्र ने आईआईटी से बीटेक सीएस की पढ़ाई की है, तो कैंपस प्लेसमेंट में ही अच्छे पैकेज पर जाॅब मिल जाता है.
किस IIT में सबसे पहले शुरू हुई थी बीटेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई?
आईआईटी कानपुर में बीटेक कंप्यूटर की पढ़ाई सबसे पहले शुरू हुई थी. आईआईटी कानपुर भारत का पहला संस्थान है, जिसने कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम सबसे पहले शुरू किया था. पहला कंप्यूटर-संबंधी पाठ्यक्रम अगस्त 1963 में देश के पहले कंप्यूटर क्लासरूम में स्थापित एक आईबीएम 1620 सिस्टम पर शुरू हुआ.
धीरे-धीरे संस्थान ने कंप्यूटर साइंस फैकल्टी में कई प्रोफेसर शामिल किए. 1971 में आईआईटी कानपुर ने एक स्वायत्त शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किया जिसके तहत कंप्यूटर साइंस में पीएचडी और एमएस, बीटेक और एमटेक की डिग्री प्रदान की गई. संस्थान में कंप्यूटर साइंस विभाग की औपचारिक स्थापना 1984 में हुई थी.
इसके बाद आआईटी रूड़की, मद्रास और खड़गपुर में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की गई. अब सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के इंजीनियरिंग काॅलेजों में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कराई जाती है. इसमें बीटेक, एमटेक आदि डिग्री दी जाती है.
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