गोल्ड प्राइस टुडे
सोमवार की सुबह MCX पर सोने के दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट में करीब 1.14% की बढ़ोतरी देखी गई और यह करीब ₹1,22,449 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. इसके साथ-साथ चांदी (दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट) लगभग 2% तेजी के साथ ₹1,50,720 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई. यह तेजी बाजार के लिए खास है क्योंकि पिछली कुछ सत्रों में सोने-चांदी में गिरावट भी आई थी और उसके बाद एक अच्छा मोड़ देखने को मिला है.
क्यों बढ़ी कीमतें?
अमेरिका में सरकार का शटडाउन 40वें दिन तक चला. यह अब तक का सबसे लंबा शटडाउन है. इससे आर्थिक गतिविधियों में नकारात्मक प्रभाव पड़ने की चिंता बढ़ गई है और निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर बढ़े हैं. जिस कारण, सुरक्षित निवेश यानी सोना-चांदी की मांग फिर से बढ़ी है.
डॉलर में कमजोरी और रेट कट की संभावना
डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आई है, जिससे डॉलर के मुकाबले सोना-चांदी निवेशकों के लिए और आकर्षक हो गए. जब डॉलर कमजोर होता है, तो भारत जैसे देशों में (जहां रूपया-डॉलर की रिश्ता मायने रखता है) इन धातुओं की कीमत ऊपर जाती है. वहीं अमेरिका के जॉब मार्केट और कंज्यूमर सेंटिमेंट में कमजोरी दिखी है. इन संकेतों ने यह उम्मीद जगाई है कि Federal Reserve दिसंबर में ब्याज दर में कटौती कर सकती है. जब ब्याज दरें कम होंगी तो सोना-चांदी में और तेजी देखने को मिल सकती है.
कुल मिलाकर सोने-चांदी की मौजूदा तेजी यह संकेत देती है कि जब वैश्विक माहौल अनिश्चित हो जाता है, तो निवेशक परंपरागत सुरक्षित विकल्पों की ओर लौटते हैं. आज सुबह की बढ़त ने भी यह दिखाया है कि आर्थिक चिंता, डॉलर कमजोरी और संभावित रेट कट ने मिलकर इन कीमती धातुओं को मजबूती दी है.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मिंट की रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर सोना और चांदी क्रमशः अपने सपोर्ट लेवल (जैसे सोना के लिए ₹1,17,700 और चांदी के लिए ₹1,44,000 प्रति किलोग्राम) को बनाए रखे, तो उस मौके पर खरीदना समझदारी हो सकती है. ध्यान दें कि ये रुझान छोटी अवधि के लिए हैं.

