AGR पर वोडाफोन आइडिया को ‘सुप्रीम’ राहत
वित्तीय संकट से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) के लिए सोमवार का दिन एक बड़ी राहत लेकर आया. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये से जुड़े एक अहम मामले में केंद्र सरकार को पुनर्विचार की अनुमति दे दी है. अदालत ने माना कि यह मामला सरकार के ‘नीतिगत अधिकार क्षेत्र’ में आता है. यह फैसला वोडाफोन आइडिया के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से अपनी देनदारियों को लेकर संघर्ष कर रही है.
सरकार के लिए खुले ‘पॉलिसी’ के रास्ते
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि एजीआर बकाये का पुनर्मूल्यांकन (reassessment) एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर अंतिम निर्णय लेना केंद्र सरकार का काम है. अदालत की इस टिप्पणी ने केंद्र के लिए एक महत्वपूर्ण ‘पॉलिसी विंडो’ खोल दी है. इसका मतलब है कि सरकार अब कंपनी को राहत देने के लिए नीतिगत स्तर पर कोई नया रास्ता तलाश सकती है. यह वोडाफोन आइडिया की उन कोशिशों को बल देगा, जिसमें वह अपने भारी-भरकम बकाये के बोझ को कम करने की मांग कर रही थी.
आर्थिक तंगी के बीच ‘नई उम्मीद’
यह खबर वोडाफोन आइडिया के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है. कंपनी लंबे समय से भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रही है. इस बकाये के बोझ के कारण कंपनी के लिए अपना कामकाज सुचारू रूप से चलाना और बाजार से नया निवेश (fresh investment) जुटाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था. सुप्रीम कोर्ट से मिली यह राहत कंपनी को अपना अस्तित्व बनाए रखने (sustain operations) और निवेशकों का भरोसा जीतने में मदद कर सकती है.
बाजार ने किया फैसले का स्वागत
सुप्रीम कोर्ट के इस रुख का असर शेयर बाजार पर भी तुरंत देखने को मिला. खबर आते ही वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेज उछाल दर्ज किया गया. जो शेयर पहले नुकसान में कारोबार कर रहे थे, वे इस खबर के बाद 9.25% तक चढ़ गए. फिलहाल शेयर 10.49 रुपए पर ट्रेड कर रहे हैं. बाजार की यह सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाती है कि निवेशक इस फैसले को कंपनी के हक में एक बड़े कदम के तौर पर देख रहे हैं.
Disclaimer:ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
