केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अफगानिस्तान के वाणिज्य मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन अजीजी से मुलाकात की.
अफगानिस्तान के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी ने सोमवार को दावा किया कि वीजा का मुद्दा सुलझा लिया गया है. उन्होंने कहा कि जो व्यवसायी पहले व्यापार और वाणिज्य के लिए यात्रा नहीं कर पाते थे, वे अब काबुल स्थित भारतीय दूतावास से वीज़ा प्राप्त कर सकते हैं. यह निर्णय लिया गया है कि अफगानों के लिए भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए चिकित्सा वीजा भी फिर से शुरू होंगे. तालिबान के 2021 में सत्ता में आने से पहले तक भारत कई अफगान मरीजों के लिए चिकित्सा उपचार के लिए पसंदीदा स्थान था.
बता दें कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को अफगानिस्तान के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन अजीजी से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर चर्चा की. एक्स पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए, पीयूष गोयल ने लिखा कि आज अफगानिस्तान के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन अज़ीज़ी से मुलाकात की.
लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करने का संकल्प
चर्चा के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमारी चर्चाओं में आर्थिक सहयोग बढ़ाने और वस्तुओं और निवेश की सुगम आवाजाही को सुगम बनाकर द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करने की साझा प्रतिबद्धता दिखी. हमने अपनी पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को गहरा करने और लोगों से लोगों के संबंधों को और मजबूत करने के अपने संकल्प की पुष्टि की. अफगान मंत्री देश की पांच दिवसीय यात्रा पर थे. इससे पहले दिन में, अजीजी ने एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) के अधिकारियों से मुलाकात की.
भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने का आह्वान
बैठक के दौरान, उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत के साथ द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और ऐतिहासिक संबंधों को बढ़ाने के लिए की गई थी, और उन्होंने भारत के साथ संबंधों को और बेहतर बनाने का भी आह्वान किया. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया, जिसमें कहा गया कि काबुल भारत के साथ अपने आर्थिक जुड़ाव का विस्तार करने और नए व्यापार मार्ग विकसित करने के लिए उत्सुक है.
‘हमारे राजनीतिक संबंध भी बहुत अच्छे’
अजीजी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान को फिर से मिलकर काम करते देखना उनके लिए बेहद खुशी की बात है. उन्होंने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, यह सिर्फ़ व्यापार के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि उनके साथ हमारे राजनीतिक संबंध भी बहुत अच्छे हैं. अब हम राजनीति, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में संभावनाएं तलाश रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने इस यात्रा को सुगम बनाया था और काबुल खनन, कृषि, स्वास्थ्य और निवेश जैसे क्षेत्रों में अवसरों की तलाश कर रहा है. मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष निजी क्षेत्र की गहरी रुचि के साथ द्विपक्षीय व्यापार को लगभग एक अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य बना रहे हैं.

