सोना, रियल एस्टेट या शेयर बाजार में से बीते 20 साल में किसने ज्यादा रिटर्न दिया है?
हाल के दिनों में गोल्ड की काफी चर्चा हो रही है. मौजूदा साल में सोने ने निवेशकों को 60 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे दिया है. वहीं दूसरी ओर बीते कुछ समय से शेयर बाजार में भी उछाल देखने को मिल रहा है. रियल एस्टेट ने भी कोविड के बाद से काफी लंबी छलांग लगाई हैं. अगर बात पिछले दो दशकों की करें तो अलग-अलग निवेश विकल्पों ने अलग-अलग समय में अच्छा प्रदर्शन किया है. विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों ने बाजार को प्रभावित किया है, जिससे सोना, शेयर और रियल एस्टेट जैसे असेट्स की कीमतें बढ़ती और घटती रही हैं. कई बार शेयर बाज़ारों में तेज़ी भी आई है. प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और सोने ने निवेशकों की संपत्ति को कई गुना बढ़ा दिया है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस दौरान किस निवेश ने निवेशकों को सबसे ज्यादा अमीर बनाया है? आइए आंकड़ों से समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर किसने 20 सालों में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है.
20 साल में किस निवेश ने बनाया सबसे ज्यादा अमीर?
फंड्सइंडिया की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सोने ने पिछले 20 वर्षों में निवेशकों को सबसे ज़्यादा रिटर्न दिया है. आइए आंकड़ों से समझने की कोशिश करते हैं.
- सोना: पिछले दो दशकों में, इस कीमती धातु ने 15 फीसदी वार्षिक औसत रिटर्न (CAGR) दिया है. इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति 2005 में सोने में 1 लाख रुपए का निवेश करता, तो आज उसे लगभग 16.3 लाख रुपए मिलते.
- शेयर बाजार (निफ्टी): नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक निफ्टी ने 13.3 फीसदी का दिया है. इसका मतलब है कि इक्विटी ने निवेशकों की संपत्ति 12.1 गुना बढ़ा दी है. इसलिए 1 लाख रुपये का निवेश 20 वर्षों में 12.1 लाख रुपए का हो जाएगा.
- रियल एस्टेट: इस पर रिटर्न 7.7 फीसदी वार्षिक रहा है. इसका मतलब है कि 20 वर्षों में पैसा केवल 4.3 गुना बढ़ा है. सोने और इक्विटी की तुलना में, रियल एस्टेट की कीमतें इतनी नहीं बढ़ी हैं, जिससे 1 लाख रुपए का निवेश 20 वर्षों में 4.3 लाख रुपए हो गया है.
- तस्वीर साफ है: तुलना से पता चलता है कि सोने ने दीर्घावधि में इक्विटी और रियल एस्टेट दोनों से बेहतर प्रदर्शन किया है.
सोना का रिटर्न ज्यादा क्यों?
पिछले दो दशकों में, ग्लोबल इकोनॉमिक क्राइसिस, महंगाई, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच सोना निवेशकों के लिए एक “सुरक्षित ठिकाना” बना हुआ है. जब भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ी, निवेशकों ने सोने की ओर रुख किया. यही कारण है कि इसकी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. वर्ष 2025 सोने की इस तेजी का एक बेहतरीन उदाहरण है.
इक्विटी और प्रॉपर्टी बाजार का प्रदर्शन
लंबी अवधि में, इक्विटी ने भी 13.3 फीसदी CAGR (NIFTY50) के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है. SIP या नियमित निवेश के माध्यम से निवेश करने वालों ने अच्छा मुनाफा कमाया है. हालांकि, रियल एस्टेट की वृद्धि दर उम्मीद से धीमी रही है. शुरुआती वर्षों में तेजी के बाद, पिछले कुछ वर्षों में कीमतें स्थिर रही हैं, जिससे औसत रिटर्न में गिरावट आई है.
पिछले 10 और 15 वर्षों में कौन रहा बेहतर?
रिपोर्ट के अनुसार, सोने का रिटर्न न केवल पिछले 20 वर्षों में, बल्कि पिछले 10 और 15 वर्षों में भी इक्विटी और रियल एस्टेट की तुलना में बेहतर रहा है. इस कीमती धातु ने 10 वर्षों में 16.6 फीसदी और 15 वर्षों में 12.4 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से रिटर्न दिया है. इसके विपरीत, इक्विटी बाजार (NIFTY50) ने पिछले 10 वर्षों और 15 वर्षों में क्रमशः 13.3 फीसदी और 11.2 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दी है. रियल एस्टेट की बात करें तो संपत्ति निवेश से रिटर्न उतना अच्छा नहीं रहा है, पिछले 10 वर्षों और 15 वर्षों में क्रमशः 5.1 फीसदी और 5.9 फीसदी ?की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) रही है. इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने लंबे समय तक सोने में निवेश किया है, उन्हें इक्विटी और रियल एस्टेट खरीदने वालों की तुलना में अधिक लाभ हुआ है.
