सोने, चांदी का भाव आज फिर लुढ़का
सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. धनतेरस से सोने के भाव लगातार नीचे आ रहे हैं. यह गिरावट काफी अहम है, क्योंकि तब से लेकर अब तक सोना करीब 7600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है. मंगलवार, 28 अक्टूबर को भी यह फिसलन जारी रही, जिससे कीमती धातु की चमक और फीकी पड़ गई है. आज राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव लुढ़ककर 123420 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है.
क्यों फीकी पड़ रही है सोने की चमक?
आख़िर सोने की कीमतों में इस निरंतर गिरावट की वजह क्या है? विशेषज्ञ इसके पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों का मिलाजुला असर देख रहे हैं. यह कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई मोर्चों पर एक साथ बन रही स्थितियों का परिणाम है.
सबसे बड़ा कारण अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव का कम होना है. दुनिया की इन दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार की उम्मीदें प्रबल हो गई हैं. हाल ही में दोनों देशों के शीर्ष आर्थिक अधिकारियों ने एक संभावित व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति भी जताई है. उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत में दक्षिण कोरिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग के बीच होने वाली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. जब भी दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव कम होता है, तो निवेशक ‘सुरक्षित निवेश’ माने जाने वाले सोने से पैसा निकालकर जोखिम वाले बाज़ारों, जैसे शेयर बाजार, में लगाते हैं. सोने को एक ‘सेफ हेवन’ यानी सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है, और शांति के समय इसकी मांग अक्सर घट जाती है.
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दूसरा बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी निगाहें हैं. निवेशक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है. फेडरल रिजर्व की नीतियां सीधे तौर पर डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड को प्रभावित करती हैं. यदि फेड ब्याज दरें बढ़ाता है, तो डॉलर मजबूत होता है और बिना ब्याज वाले सोने में निवेश कम आकर्षक हो जाता है.
तीसरा कारण डॉलर की लगातार मजबूती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार डॉलर में होता है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राएं (जैसे रुपया) रखने वाले देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है.
इन वैश्विक संकेतों के साथ-साथ, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशक मौजूदा स्तरों पर मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) भी कर रहे हैं. जिन निवेशकों ने पहले कम कीमतों पर सोना खरीदा था, वे अब अपना सोना बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं. इस सामूहिक बिकवाली से बाजार में सोने की आपूर्ति अचानक बढ़ जाती है, जो कीमतों को नीचे खींच लाती है.
आपके शहर में कितना है सोने का भाव?
देश के अलग-अलग शहरों में भी 28 अक्टूबर को सोने की कीमतों में नरमी देखी गई. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 123420 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि 22 कैरेट सोना 113140 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां 24 कैरेट सोना 123270 रुपये और 22 कैरेट सोना 112990 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिका. यही कीमतें चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में भी रहीं.
अहमदाबाद और भोपाल में 24 कैरेट सोना 123320 रुपये और 22 कैरेट सोना 113040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा. वहीं, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ के बाजारों में भाव दिल्ली के समान ही, यानी 24 कैरेट के लिए 123420 रुपये और 22 कैरेट के लिए 113140 रुपये, दर्ज किए गए.
चांदी की चाल भी सुस्त, भाव ₹1,54,900 पर आया
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है. 28 अक्टूबर को चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई. भारतीय बाजारों में चांदी का भाव 154900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है. विदेशी बाजारों में भी चांदी का हाजिर भाव 2.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 47.60 डॉलर प्रति औंस पर रह गया. सोने की तरह ही, निवेशक चांदी में भी लगातार मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
