हाई बीपी Image Credit source: Getty Images
आज के समय में युवाओं में हाई बीपी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. हाई बीपी यानी हाई ब्लड प्रेशर वह स्थिति है, जब ब्लड वेसल्स में खून का दबाव सामान्य से ज्यादा हो जाता है. सामान्य रूप से 120/80 mmHg को ठीक माना जाता है, लेकिन जब रीडिंग लगातार 140/90 या उससे ऊपर रहने लगे, तो इसे हाई बीपी कहा जाता है. शुरुआत में इसके स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है.
कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर आना, थकान, सांस फूलना, सीने में भारीपन या दिल की धड़कन तेज होने जैसे संकेत महसूस हो सकते हैं. कई बार नाक से खून आना या धुंधला दिखाई देना भी लक्षण हो सकता है. समय पर पहचान न होने पर यह दिल, किडनी और दिमाग पर गंभीर असर डाल सकता है. इसलिए युवाओं के लिए इसके बारे में जागरूक रहना बेहद जरूरी है.
युवाओं में हाई बीपी के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर एचओडी डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि युवाओं में हाई बीपी बढ़ने के पीछे कई आधुनिक लाइफस्टाइल से जुड़े कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और मानसिक दबाव काफी बढ़ गया है. देर रात तक जागना, मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल, शारीरिक एक्टिविटी की कमी और अनियमित दिनचर्या शरीर के संतुलन को बिगाड़ देती है.
फास्ट फूड और ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन भी ब्लड प्रेशर पर असर डालता है. इसके अलावा, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें भी जोखिम बढ़ाती हैं. मोटापा और बढ़ता वजन युवाओं में एक बड़ी समस्या बन चुका है, जो हाई बीपी से जुड़ा हुआ है. नियमित स्वास्थ्य जांच न करवाना भी एक कारण है, जिससे समस्या समय पर पकड़ में नहीं आती. बदलती लाइफस्टाइल और लापरवाही मिलकर इस समस्या को बढ़ावा दे रही हैं.
कैसे करें बचाव?
हाई बीपी से बचाव के लिए स्वस्थ दिनचर्या अपनाना जरूरी है. रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम या तेज चाल से चलना फायदेमंद होता है. खाने में नमक की मात्रा सीमित रखें और ताजे फल-सब्जियां शामिल करें.
वजन को कंट्रोल रखें और पर्याप्त नींद लें. तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान अपनाएं. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी जरूरी है. नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाते रहें, ताकि शुरुआती स्तर पर ही समस्या को कंट्रोल किया जा सके.
डॉक्टर से कब मिलें
अगर बार-बार सिरदर्द, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. अगर ब्लड प्रेशर की रीडिंग लगातार 140/90 या उससे ज्यादा आ रही हो, तो इसे नजरअंदाज न करें.
परिवार में हाई बीपी या दिल की बीमारी का इतिहास हो, तब भी नियमित जांच जरूरी है. समय पर सलाह और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.


