मल्टी-एसेट और एग्रेसिव हाइब्रिड फंड
2026 की शुरुआत शेयर बाजार निवेशकों के लिए थोड़ी मुश्किल रही है. बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और यूनियन बजट के बाद अच्छी-खासी बिकवाली भी हुई. निफ्टी 50 और सेंसेक्स गिरे हैं, वहीं F&O पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ने से मिड और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट ज्यादा रही. बाजार अभी भी अस्थिर है और सोना फिर से चर्चा में है, ऐसे में कई निवेशक इक्विटी में पूरा पैसा लगाने को लेकर असमंजस में हैं. इसी माहौल में मल्टी-एसेट एलोकेशन और एग्रेसिव हाइब्रिड जैसे म्यूचुअल फंड विकल्प ज्यादा संतुलित और सुरक्षित माने जा रहे हैं.
2026 में आपके लिए कौन सा फंड सही रहेगा?
मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड एक साथ इक्विटी, डेट और गोल्ड (कभी-कभी सिल्वर या अन्य एसेट) में निवेश करते हैं. इनका मकसद एक ही एसेट पर निर्भर रहने के बजाय जोखिम को बांटना होता है. हालिया प्रदर्शन देखें तो इस कैटेगरी ने निवेशकों को चौंकाया है. पिछले 1 साल में मल्टी-एसेट फंड्स ने औसतन 19.42% रिटर्न दिया है. 3 साल का CAGR करीब 18.55% और 5 साल का करीब 15.70% रहा है. ये रिटर्न महंगाई से भी ज्यादा हैं और कई पारंपरिक फिक्स्ड इनकम विकल्पों से बेहतर हैं.
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में इस कैटेगरी में करीब 7,426 करोड़ रुपये का निवेश आया और कुल AUM बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपये हो गया. पूरे 2025 में इसमें 47,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट इनफ्लो रहा. इसकी बड़ी वजह सोना और चांदी का अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसने गिरते बाजार में सहारा दिया.
एग्रेसिव हाइब्रिड फंड: ग्रोथ चाहने वालों की पसंद
एग्रेसिव हाइब्रिड फंड में 6580% तक निवेश इक्विटी में होता है, बाकी पैसा डेट में लगाया जाता है. यानी ये फंड इक्विटी के काफी करीब होते हैं, लेकिन पूरी तरह शेयर बाजार पर निर्भर नहीं रहते. हालांकि पिछले एक साल में इनका प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा और औसत रिटर्न सिर्फ 7.28% रहा. लेकिन लंबी अवधि में तस्वीर बेहतर दिखती है. 3 साल में इनका CAGR 14.79% और 5 साल में करीब 12.89% रहा है.
दिसंबर 2025 में इस कैटेगरी में 1,514 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आया और कुल AUM करीब 2.53 लाख करोड़ रुपये रहा. हालांकि हाइब्रिड फंड सेगमेंट में महीने-दर-महीने निवेश घटा है, जो निवेशकों की सतर्कता दिखाता है.
2026 में फर्क कहां है?
2026 में असली फर्क आपके जोखिम लेने की क्षमता और निवेश के लक्ष्य पर निर्भर करता है. अगर आप कम झटकों वाला, खुद-ब-खुद बैलेंस होने वाला पोर्टफोलियो चाहते हैं और गोल्ड जैसे एसेट का फायदा लेना चाहते हैं, तो मल्टी-एसेट फंड ज्यादा सुकून देते हैं. लेकिन अगर आप लंबी अवधि में बेहतर ग्रोथ चाहते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव सह सकते हैं, तो एग्रेसिव हाइब्रिड फंड आपके लिए बेहतर हो सकते हैं. SIP निवेशकों के लिए यह फैसला और भी अहम है. मल्टी-एसेट फंड में SIP करने से उतार-चढ़ाव का असर कम महसूस होता है, जबकि एग्रेसिव हाइब्रिड फंड में SIP लंबे समय में ज्यादा वेल्थ बना सकते हैं बशर्ते आप धैर्य रखें. 2026 में कोई एक फंड सबके लिए परफेक्ट नहीं है. सही फंड वही है जो आपकी सोच, जोखिम क्षमता और निवेश लक्ष्य से मेल खाए.

