मौजूदा वित्त वर्ष में 11 जनवरी तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 9 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है.Image Credit source: ChatGPT
बजट से पहले सरकार को अच्छी खबर मिली है. वास्तव में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. सरकारी आंकड़ों को देखें तो टैक्स कलेक्यान में करीब 9 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है. टैक्स कलेक्शन में उछाल की बड़ी वजह रिफंड में बड़ी गिरावट को माना जा रहा है. जिसमें 17 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. सरकार ने सोमवार को टैक्स कलेक्शन का आंकड़ा जारी किया है. जिसमें 1 अप्रैल 2025 से लेकर 11 जनवरी 2026 तक का डाटा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से किस तरह का डाटा जारी किया है.
टैक्स कलेक्शन को लेकर सरकारी आंकड़े
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोमवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष में 11 जनवरी तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 8.82 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह 18.38 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा.
- इस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 8.63 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नेट कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन और इंडिविजुअल और एचयूएफ सहित नॉन-कॉर्पोरेट संस्थाओं से 9.30 लाख करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन शामिल है.
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से 11 जनवरी के बीच सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स यानी एसटीटी कलेक्शन 44,867 करोड़ रुपये रहा.
- वहीं इस अवधि के दौरान रिफंड में बड़ी गिरावट देखने को मिली. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार रिफंड में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 3.12 लाख करोड़ रुपए रहा.
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार इस वित्त वर्ष में 11 जनवरी तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 4.14 फीसदी त्रकी वृद्धि हुई और यह लगभग 21.50 लाख करोड़ रुपये रहा.
- चालू वित्त वर्ष (2025-26) में सरकार ने डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का अनुमान 25.20 लाख करोड़ रुपये लगाया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.7 फीसदी अधिक है.
- जानकारी के अनुसार सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 में सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स यानी एसटीटी से 78,000 करोड़ रुपए कलेक्ट करना है.
बजट से पहले अच्छे आंकड़े
खास बात तो ये है कि एक फरवरी को बजट पेश होने वाला है. उससे पहले टैक्स कलेक्शन के आंकड़े काफी अच्छे देखने को मिले हैं. जानकारों की मानें तो वित्त वर्ष खत्म होने से पहले सरकार अपने टारगेट को पूरा कर सकती है. मौजूदा समय में भारत सरकार को डायरेक्ट कलेक्शन के टारगेट तक पहुंचने के लिए करीब 7 लाख करोड़ रुपए की जरुरत है. वहीं दूसरी ओर जानकारों का मानना है कि आने वाले वित्त वर्ष के लिए पेश होने वाले बजट में टैक्स कलेक्शन के टारगेट में और इजाफा देखने को मिल सकता है. मुमकिन है कि ये आंकड़ 27 से 30 लाख करोड़ रुपए के बीच हो.

