प्रियंका गांधी और प्रशांत किशोर
पिछले हफ्ते प्रशांत किशोर और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की दिल्ली में मुलाकात हुई. वोट कटने का मुद्दा प्रशांत किशोर भी उठा रहे थे, माना जा रहा है कि, इसी बारे में दोनों की अनौपचारिक मुलाकात हुई. हालांकि, इस मुलाकात को पार्टी तूल नहीं देना चाहती. इसलिए ऑफ रिकॉर्ड इस मुलाकात से प्रियंका गांधी इनकार कर रही हैं. जबकि ऑन रिकॉर्ड इस पर चुप्पी साधे हुए हैं. संसद में जब पत्रकारों ने उनसे पीके से मुलाकात को लेकर सवाल पूछा तो प्रियंका ने इसे टाल दिया.
प्रियंका ने कहा कि ये कोई न्यूज है? देश में इतनी समस्याएं हैं, वायु प्रदूषण पर हम चर्चा की मांग कर रहे हैं और आप इस तरह के सवाल पूछ रहे हैं. आप ये सवाल क्यों नहीं पूछते कि मौजूदा मंत्री संसद की कार्यवाही में बाधा बन रहे हैं. आप इसको लेकर सवाल नहीं पूछेंगे कि संसद के अंदर क्या हो रहा है.
बिहार चुनाव में महागठबंधन के खिलाफ लड़ा था चुनाव
बिहार विधानसभा चुनाव के लगभग एक महीने बाद प्रशांत किशोर ने प्रियंका गांधी से ये मुलाकात की. प्रशांत किशोर जन सुराज पार्टी के प्रमुख हैं और उन्होंने बिहार में महागठबंधन और बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. कांग्रेस महागठबंधन हिस्सा है ऐसे में पीके की इस मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि एसआईआर के मुद्दे को लेकर दोनों के बीच चर्चा हुई है.
हालांकि दोनों पार्टियों के सूत्रों ने इस मुलाकात को ज़्यादा अहमियत नहीं दी, लेकिन यह बातचीत राजनीतिक रूप से दिलचस्प है क्योंकि किशोर और कांग्रेस के बीच कुछ साल पहले कड़वाहट भरी विदाई हुई थी. तब से वह कांग्रेस की आलोचना करते रहे हैं. बिहार चुनाव प्रचार के बीच में भी उन्होंने कहा था कि चुनावी लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और राहुल गांधी का वोट चोरी का अभियान राज्य में चुनावी मुद्दा नहीं था.
गांधी परिवार से है पुराना रिश्ता
पीके और गांधी परिवार का पुराना रिश्ता है. पहले वो पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट के तौर पर और फिर एक नेता के तौर पर कांग्रेस से जुड़े हुए थे. वह 2021 में कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के प्रस्ताव के साथ प्रियंका और राहुल के संपर्क में थे. यह JD(U) से निकाले जाने के एक साल बाद की बात है. एक साल बाद प्रशांत किशोर और कांग्रेस ने सार्वजनिक तौर पर बातचीत शुरू की.

