घरेलू सिलेंडर की खपत बढ़ी
भारत में घरेलू रसोई गैस की खपत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. ऊर्जा मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, देश में घरेलू एलपीजी की खपत वर्ष 2024-25 में 31.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) तक पहुंच गई है. यह सिर्फ उपभोक्ता मांग में बढ़ोतरी का संकेत नहीं है, बल्कि साफ और सुरक्षित कुकिंग एनर्जी की ओर देशव्यापी बदलाव का भी बड़ा सबूत है.
डेटा पिछले दो दशकों में भारत में एलपीजी की खपत लगभग तीन गुना तक बढ़ गई है. वर्ष 2004-05 में यह खपत 10.2 MMT थी, जो 2013-14 में बढ़कर 16.3 MMT हो गई. लेकिन सबसे बड़ी छलांग पिछले एक दशक में देखने को मिली, जहां 2024-25 तक खपत बढ़कर 31.3 MMT हो गई. यानी 2013-14 की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हुई.
LPG
क्यों बढ़ी खपत?
देश की मोदी सरकार ने एलपीजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए हाल के वर्षों में कई सारी योजनाएं शुरू की हैं, जिससे कनेक्शन में तेजी आई और खपत भी बढ़ी है. इसमें सबसे बड़ी स्कीम उज्ज्वला स्कीम है. इस योजना से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को बड़ी संख्या में LPG से जोड़ा. दूसरा, देश में एलपीजी की सप्लाई चेन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुदृढ़ हुई है. रिफाइनरी क्षमता बढ़ने, बड़े वेयरहाउस और बेहतर वितरण नेटवर्क के कारण रिफिल की उपलब्धता आसान हुई है.
कम हुए एलपीजी के दाम
कम रेट पर गैस मिलने की वजह से खपत में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. हालांकि इस महीने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कमर्शियल गैस के दाम जरूर कम हुए हैं. आईओसीएल के अनुसार, महीने की पहली तारीख से चारों महानगरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 10 रुपये की कटौती की गई है. लगातार दूसरे महीने कमर्शियल सिलेंडर सस्ते हुए हैं.
कटौती के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सिलेंडर के दाम 1,580.50 रुपये और कोलकात में 1,684 रुपये हो गए. वहीं, दूसरी ओर मुंबई और चेन्नई में कमर्शियल गैस सिलेंडर 10.5 रुपये कम हो गए हैं. जिसके बाद दोनों महानगरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें 1,531.50 और 1,739.50 रुपये हो गई हैं.

