विशाखापट्टनम / विजयवाड़ा:
बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने दक्षिण-तटीय आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात के तट से टकराने (लैंडफॉल) के बाद तटीय जिलों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं और मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। तूफान के प्रभाव से नेल्लोर, बापटला, प्रकाशम और कृष्णा जिलों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
तेज हवाओं के साथ भारी बारिश, कई इलाके जलमग्न
तूफान के दस्तक देते ही निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। नेल्लोर और ओंगोल के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जलभराव के चलते सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई है। कई स्थानों पर विशाल पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिससे दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित है। आपदा प्रबंधन टीमों के अनुसार, फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है; धान और बागवानी की फसलें तेज बारिश और हवाओं की चपेट में आ गई हैं।
स्कूल-कॉलेज बंद, तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट
गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं:
– शैक्षणिक संस्थान बंद: नेल्लोर, तिरुपति, बापटला और प्रकाशम जिलों में सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र आगामी आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
– राहत शिविरों में स्थानांतरण: निचले और संवेदनशील इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां भोजन, स्वच्छ पेयजल और दवाओं की व्यवस्था की गई है।
– मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में 4 से 5 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
हवाई और रेल यातायात पर पड़ा सीधा असर
चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण दृश्यता कम होने और तेज हवाओं के चलते परिवहन सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं:
– विमान सेवाएं रद्द: विजयवाड़ा (गन्नवरम), तिरुपति और विशाखापट्टनम हवाई अड्डों से संचालित होने वाली 19 से अधिक घरेलू उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जबकि कई उड़ानों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।
– ट्रेनों की गति नियंत्रित: दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने सुरक्षा कारणों से तटीय मार्गों से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रद्द या रीशेड्यूल किया है। कई संवेदनशील ट्रैक पर ट्रेनों की गति नियंत्रित रखी जा रही है।
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर
स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 15 से अधिक टीमों को तैनात किया गया है। टीमें गिरे हुए पेड़ों और खंभों को हटाकर मुख्य मार्गों को खोलने के काम में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय स्थिति पर सीधी नजर बनाए हुए है। सभी जिला कलेक्टरों को 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और प्रभावित नागरिकों तक तुरंत सहायता पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन सहायता के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 से 36 घंटों तक तटीय और रायलसीमा क्षेत्रों में मध्यम से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी रखी है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
