एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम
Why Market is falling: बुधवार, 5 नवंबर की सुबह एशियाई शेयर बाजारों के लिए एक बड़े झटके के साथ आई. बाजार खुलते ही हर तरफ बिकवाली का ऐसा दबाव दिखा कि निवेशकों के होश उड़ गए. जापान से लेकर दक्षिण कोरिया और ताइवान तक, प्रमुख बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई. इस भूचाल का सबसे बड़ा शिकार बना जापान का दिग्गज निवेशक समूह, सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉरपोरेशन (SoftBank), जिसके शेयर देखते ही देखते 15% तक टूट गए. यह गिरावट इतनी बड़ी है कि इसने दुनिया भर के निवेशकों में एक डर पैदा कर दिया है. आखिर, ऐसा क्या हुआ कि कल तक आसमान छू रहे शेयर आज जमीन पर आ गए?
AI का ‘बूम’ पड़ा धीमा, वॉल स्ट्रीट की घबराहट एशिया तक पहुंची
इस भारी गिरावट के तार सीधे अमेरिका के वॉल स्ट्रीट से जुड़े हैं. मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चिप बनाने वाली (सेमीकंडक्टर) कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली. पिछले कुछ समय से AI को लेकर जो तेजी बनी हुई थी, अब निवेशकों को उसी में डर दिखने लगा है.
बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशक इन कंपनियों के बहुत ऊंचे वैल्यूएशन, यानी उनकी आसमान छूती कीमतों को लेकर चिंतित हो गए हैं. उन्हें यह लगने लगा है कि कहीं ये शेयर अपनी असल कीमत से बहुत ज्यादा महंगे तो नहीं हो गए हैं. इसी चिंता के चलते उन्होंने मुनाफावसूली (प्रॉफिट-बुकिंग) शुरू कर दी.
चूंकि सॉफ्टबैंक ने दुनिया भर की कई AI कंपनियों में अरबों डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया हुआ है, इसलिए अमेरिकी बाजार में AI शेयरों की इस पिटाई का सीधा और सबसे गहरा असर सॉफ्टबैंक पर ही पड़ा. जब मुख्य निवेश ही खतरे में दिखने लगा, तो सॉफ्टबैंक के शेयरों का गिरना लाजिमी था.
सॉफ्टबैंक, सैमसंग और TSMC सब दबाव में
सॉफ्टबैंक की 15% की गिरावट ने पूरे जापानी बाजार में हड़कंप मचा दिया. इसके साथ ही, चिप टेस्टिंग उपकरण बनाने वाली कंपनी एडवांटेस्ट (Advantest) के शेयर 8% और चिप निर्माता रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स (Renesas Electronics) के शेयर 6% तक गिर गए.
यह आग सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रही. दक्षिण कोरिया की दो सबसे बड़ी टेक कंपनियां, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और SK Hynix, भी इस तूफान की चपेट में आ गईं. दोनों के शेयरों में 6% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. यह गिरावट इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि इस साल इन दोनों कंपनियों ने निवेशकों को मालामाल किया था. सैमसंग के शेयर 80% और SK Hynix के शेयर 210% तक चढ़ चुके थे.
वहीं, ताइवान की चिप जाइंट TSMC, जो दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता है, के शेयर भी कारोबार के दौरान 3% तक फिसल गए. चीन के बाजार में भी अलीबाबा (Alibaba) और टेनसेंट (Tencent) जैसे बड़े टेक शेयर दबाव में रहे और 2% से 3% तक की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे.
‘द बिग शॉर्ट’ वाले माइकल बरी की चेतावनी
अमेरिकी बाजार में जो हुआ, वह भी कम हैरान करने वाला नहीं है. मंगलवार को पैलंटिर टेक्नोलॉजीज (Palantir Technologies) नाम की AI कंपनी के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर आए, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का शेयर 8% से ज्यादा टूट गया. विश्लेषकों का कहना है कि इसका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा हो चुका है. यह शेयर 2025 में पहले ही 175% बढ़ चुका था, जो इसे S&P 500 इंडेक्स का “सबसे महंगा स्टॉक” बनाता है.
इसी बीच, 2008 की मंदी की सटीक भविष्यवाणी करने वाले मशहूर निवेशक माइकल बरी (Michael Burry) ने एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने ऐलान किया कि वह पैलंटिर और AI की दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के खिलाफ “शॉर्ट पोजीशन” ले रहे हैं. (शॉर्ट पोजीशन का मतलब है कि वे इन शेयरों के गिरने पर पैसा लगा रहे हैं).
इस खबर के आते ही Nvidia के शेयर 4% और AMD के शेयर 5% और गिर गए. एक अन्य दिग्गज अमेरिकी निवेशक लुई नेवेलियर ने चेतावनी दी है, “AI सेक्टर में एक बड़े सुधार (करेक्शन) का डर है. अगर ऐसा होता है, तो यह पूरे शेयर बाजार को नीचे खींच सकता है, क्योंकि इंडेक्स में इन कंपनियों का वजन बहुत ज्यादा है.”

