बदल रहा है Gold ETF में निवेश का रुझान?
भारत में सोने से जुड़ा निवेश अब भी निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है, लेकिन अक्टूबर में गोल्ड ETF (Exchange Traded Fund) में निवेश में थोड़ी कमी देखी गई है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के रिकॉर्ड 8,363 करोड़ रुपये के निवेश के बाद अक्टूबर में यह घटकर 7743 करोड़ रुपये रह गया. यानी महीने-दर-महीने लगभग 7% की गिरावट दर्ज की गई.
सितंबर का रिकॉर्ड और अक्टूबर की हल्की गिरावट
सितंबर में गोल्ड ETF में अब तक का सबसे ऊंचा निवेश देखने को मिला था. अगस्त के मुकाबले इसमें 282% की जबरदस्त वृद्धि हुई थी. हालांकि अक्टूबर में थोड़ा ठहराव जरूर दिखा, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और सोने की लोकप्रियता में कमी नहीं आई है.
सोना बना निवेशकों का भरोसेमंद सहारा
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अभी भी सोने को महंगाई और रुपए की गिरावट के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में देखते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें अक्टूबर में स्थिर रहीं, लेकिन घरेलू निवेशक इसे एक डिफेंसिव इन्वेस्टमेंट के रूप में अपनाए हुए हैं.
साल भर में मजबूत रुझान
अगर पूरे साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में अब तक गोल्ड ETF में कुल 27,572 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, जो इस सेक्टर की मजबूती दिखाता है. पिछले साल अक्टूबर की तुलना में इस बार निवेश में 295% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यानी सोने की चमक अभी भी फीकी नहीं पड़ी है. वहीं अक्टूबर में निवेश में मामूली गिरावट के बावजूद, गोल्ड ETF का बाजार 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक AUM के साथ मजबूत बना हुआ है.
अन्य ETF में भी बढ़ी रुचि
गोल्ड के अलावा अन्य ETF, जैसे सिल्वर ETF, ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है. इस श्रेणी में अक्टूबर में 6,181 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. सितंबर में यह 8150 करोड़ और अगस्त में 7244 करोड़ रुपये था.

