वॉरेन बफे
दुनिया के मशहूर निवेशक वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway Inc.) के पास मौजूद नकदी (cash pile) इस साल की तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. कंपनी के पास अब करीब 381.7 अरब डॉलर (लगभग ₹31.8 लाख करोड़) की नकदी है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. यह जानकारी कंपनी की ताज़ा वित्तीय रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई (Operating Earnings) भी 34% बढ़कर 13.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई है. इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बीमा कारोबार से हुई भारी कमाई है. इस बार तिमाही के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बहुत कम हुईं, जिससे कंपनी के बीमा सेक्टर को अच्छा मुनाफा हुआ.
वॉरेन बफे की इंन कंपनियों ने दिया मुनाफा
कंपनी ने इस दौरान 6.1 अरब डॉलर के शेयर भी बेचे हैं. हालांकि नकदी भंडार बढ़ने के बावजूद, कंपनी की निवेश से होने वाली आय (Net Investment Income) में 13% की गिरावट दर्ज की गई है. यह घटकर 3.2 अरब डॉलर रह गई, जिसकी वजह कम शॉर्ट-टर्म ब्याज दरें बताई जा रही हैं. बर्कशायर हैथवे के प्राइमरी इंश्योरेंस और री-इंश्योरेंस दोनों ही कारोबार इस तिमाही में मुनाफे में रहे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में दोनों को नुकसान हुआ था. वहीं, कंपनी की ऑटो इंश्योरेंस यूनिट GEICO का मुनाफा घटकर 13% रह गया है. इसका कारण दावों (claims) की बढ़ती संख्या रही, हालांकि कंपनी ने नए ग्राहक जोड़ना जारी रखा है.
दिलचस्प बात यह है कि लगातार पांचवीं तिमाही में भी कंपनी ने अपने शेयर वापस नहीं खरीदे (Buyback नहीं किया). बफे आमतौर पर तब शेयर बायबैक करते हैं जब उन्हें लगता है कि कंपनी का स्टॉक कम कीमत पर ट्रेड हो रहा है, लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा नहीं किया. उल्लेखनीय है कि मई 2025 में वॉरेन बफे ने घोषणा की थी कि वह साल के अंत तक सीईओ पद छोड़ देंगे, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 12% की गिरावट आई थी.
बर्कशायर हैथवे का इन सेक्टर में है बिजनेस
बर्कशायर हैथवे की कमाई पर बाजार की नज़र इसलिए भी रहती है क्योंकि कंपनी का कारोबार बीमा, रेलवे, ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग और उपभोक्ता उत्पादों जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है. इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति का भी अंदाज़ा मिलता है. बफे के इस रिकॉर्ड कैश रिजर्व से यह साफ है कि कंपनी फिलहाल किसी बड़े निवेश मौके का इंतज़ार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बफे आमतौर पर तब निवेश करते हैं जब बाजार में अस्थिरता या मंदी होती है, ताकि उन्हें सस्ते मूल्य पर मजबूत कंपनियों के शेयर मिल सकें। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बफे इस भारी नकदी का उपयोग कैसे करते हैं — क्या वे कोई बड़ा अधिग्रहण करेंगे या फिर किसी नए सेक्टर में निवेश का एलान करेंगे.

