(फाइल फोटो)
भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना लाखों युवाओं का होता है, लेकिन इस सपने को पूरा करने के लिए सिर्फ लिखित परीक्षा पास करना ही काफी नहीं होता. असली परीक्षा होती है सर्विस सेलेक्शन बोर्ड यानी SSB इंटरव्यू, जिसे देश की सबसे कठिन सिलेक्शन प्रक्रियाओं में गिना जाता है. यह इंटरव्यू उम्मीदवार के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, मानसिक संतुलन और निर्णय लेने की योग्यता को परखता है. NDA, CDS जैसी परीक्षाओं के बाद SSB इंटरव्यू में सफल होना अनिवार्य है. जो अभ्यर्थी इसे पास करते हैं, उन्हें IMA, INA, OTA या एयर फोर्स एकेडमी में प्रशिक्षण का मौका मिलता है.
भारतीय सेना में SSB इंटरव्यू क्यों है जरूरी?
भारतीय सेना में अधिकारी पद पर भर्ती के लिए SSB इंटरव्यू सबसे अहम चरण होता है. इसे पास किए बिना कोई भी उम्मीदवार आर्मी ऑफिसर नहीं बन सकता. यह इंटरव्यू पांच दिनों तक चलता है और इसमें उम्मीदवार की सोच, व्यवहार, टीमवर्क और नेतृत्व गुणों का गहराई से मूल्यांकन किया जाता है. यही कारण है कि पहले ही दिन बड़ी संख्या में उम्मीदवार बाहर हो जाते हैं.
SSB इंटरव्यू की शुरुआत कैसे होती है?
SSB के लिए पहुंचे उम्मीदवारों को स्टेशन पर बोर्ड के अधिकारी रिसीव करते हैं और सेलेक्शन सेंटर ले जाया जाता है. वहां ओपनिंग एड्रेस के जरिए अगले पांच दिनों की जानकारी दी जाती है और डॉक्यूमेंट का वैरीफिकेशन होता है. आर्मी SSB में रिपोर्टिंग डे को पहला दिन नहीं माना जाता, जबकि एयरफोर्स SSB में उसी दिन से टेस्ट शुरू हो जाते हैं.
पहला दिन: स्क्रीनिंग टेस्ट
पहले दिन ऑफिसर्स इंटेलिजेंस रेटिंग (OIR) टेस्ट और पिक्चर परसेप्शन एंड डिस्कशन टेस्ट होता है. OIR में दो पेपर होते हैं, जिनमें 40-40 प्रश्न होते हैं. वहीं, PPDT में उम्मीदवारों को एक तस्वीर दिखाकर उस पर कहानी लिखने और समूह में चर्चा करने को कहा जाता है.
दूसरा दिन: साइकोलॉजिकल टेस्ट
दूसरे दिन TAT, वर्ड एसोसिएशन टेस्ट, सिचुएशन रिएक्शन टेस्ट और सेल्फ डिस्क्रिप्शन शामिल होते हैं. इन टेस्टों से उम्मीदवार की मानसिक स्थिति, सोच और स्वाभाविक प्रतिक्रिया को समझा जाता है.
तीसरा और चौथा दिन: ग्रुप टेस्टिंग और इंटरव्यू
इन दिनों में ग्रुप डिस्कशन, ग्रुप टास्क, ऑब्सटेकल रेस, लेक्चर और पर्सनल इंटरव्यू होते हैं. यहां नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
पांचवां दिन: कॉन्फ्रेंस
आखिरी दिन सभी बोर्ड मेंबर्स उम्मीदवार के प्रदर्शन पर चर्चा करते हैं. इसके बाद फाइनल सिलेक्शन की सिफारिश की जाती है. SSB का यही दिन तय करता है कि उम्मीदवार ऑफिसर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा या नहीं.

