इंडिगो की 250 से ज्यादा उड़ानें गुरुवार को रद्द की गईं.
IndiGo Flight Cancellations: स्टाफ की कमी से जूझ रही इंडिगो एयरलाइन ने हवाई यात्रा करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पैसेंजर लगातार एयरपोर्ट पर हंगामा कर रहे हैं. एयरपोर्ट पर सूटकेस के ढेर लगे हुए हैं. फ्लाइट के इंतजार में लोगों की रात एयरपोर्ट की जमीन पर गुजरी. हालात कैसे हैं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो उसे बयां कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सिर्फ गुरुवार को इंडिगो की 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं. देश के अलग-अलग हिस्सों से अब तक कुल 1000 से ज्यादा उड़ानों को कैंसिल किया जा चुका है.
इसमें ज्यादातर उड़ानें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, सूरत, हैदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर, भोपाल और इंदौर जैसे शहरों के लिए थीं. उड़ानें कैंसिल होने के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी.
ऐसे में सवाल है कि फ्लाइट डिपार्चर के मामले में सातवीं बड़ी एयरलाइन का दावा करने वाली इंडिगो कितनी बड़ी कंपनी है, इसके पास कितने कर्मचारी हैं, साल 2024 में कितने यात्रियों ने इंडिगो की फ्लाइट से सफर किया और कैसे पैदा हुआ यह संकट.
बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के हालात. फोटो: PTI
इंडिगो का संकट कैसे पैदा हुआ, पहले इसे समझें?
इंडिगो के विमानों को लेकर जो संकट पैदा हुआ है वो कितना बड़ा है, यह इससे समझा जा सकता है कि घरेलू एविएशन मार्केट में 60 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी इंडिगो की है. यही वजह है कि संकट भी बड़ा है. एयरपोर्ट पर भीड़ ही भीड़ देखी जा रही है. सोशल मीडिया स्टाफ और यात्रियों की नोकझोक के वीडियो वायरल हो रहे हैं.
अब सवाल उठता है कि आखिर यह जो पूरा संकट पैदा हुआ है उसमें स्टाफ की कमी अचानक से कैसे पैदा हो गई. कैसे धड़ाधड़ फ्लाइट कैंसिल होने लगीं. पूरे मामले को लेकर इंडिगो की तरफ से जवाब आया है. कंपनी में इस संकट के लिए तकनीकी खराबी, मौसम और नए क्रू रोस्टर नियम को जिम्मेदार ठहराया है. कंपनी का कहना है कि 1 नवंबर से नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों के कारण पायलट और चालक दल की कमी के हालात बन गए हैं. यही वजह है कि उड़ानों को सीमित किया गया है.

क्या था नए रोस्टर में?
FDTL का नियम कहता है, पायलट को थकान से उबारने के लिए हर हफ्ते 48 घंटे का आराम जरूरी है. पायलट रात में ऑपरेशन के दौरान अधिकतम 2 बार ही लैंडिंग कर सकते हैं. एयरलाइन को रात के ऑपरेशन के दौरान ड्यूटी पीरियड के साथ फ्लाइट क्रू मेंबर्स को लगातार 2 रातों से ज्यादा के लिए रोस्टर नहीं सेट करना चाहिए. 1 नवंबर से इस रोस्टर को लागू करने के बाद हालात बिगड़े. कंपनी ने कर्मचारियों की कमी को इसकी सबसे बड़ी वजह बताया.
देश के कई एयरपोर्ट्स पर कर्मचारी और यात्रियों के बीच बहस भी हुई. फोटो: PTI
इंडिगो के पास कितने कर्मचारी?
नए रोस्टर के बाद पैदा हुए संकट के बीच सवाल उठता है कि आखिर इंडिगो के पास कितने कर्मचारी हैं? इंडिगो की ऑफिशियल वेबसाइट के आंकड़े कहते हैं, कंपनी के पास देशभर में कुल 39 हजार कर्मचारी हैं. इसमें 44 फीसदी तक महिला कर्मचारी हैं. इंडिगो के करीब 2100 विमान रोजाना उड़ान भरते हैं. देश-विदेश में कंपनी के विमान 122 जगहों के लिए उड़ान भरते हैं.
कंपनी के पास देशभर में कुल 39 हजार कर्मचारी हैं. फोटो: PTI
कितना बड़ा कस्टमर बेस, कितने विमान?
कंपनी का दावा है कि वो डेली डिपार्चर के मामले में 7वीं सबसे बड़ी एयरलाइन है. कस्टमर बेस की बात करें तो साल 2024 में 10.7 करोड़ यात्रियों ने इंडिगो से सफर किया. इंडिगो की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, इसके टिकटों का कैंसिलेशन रेट सबसे कम यानी 1.17 फीसदी ही है.
इंडिगो के विमानाें के बेड़े में कुल 410 विमान हैं. इनसे 88 डोमेस्टिक और 34 इंटरनेशनल डेस्टनेशंस के लिए उड़ान भरते हैं. इंडिगो का दावा यह भी है कि साल 2023 में यह सबसे पंचुअल एयरलाइन साबित हुई.
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