फूल सिंह बरैया, शहजाद पूनावाला, एसटी हसन
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं का अपमान करना INDIA गठबंधन की पहचान है. कल हमने देखा कि कैसे एक विधायक (एसटी हसन) ने रेप और महिलाओं के बारे में बात की और उन्हें हटाने के बजाय, कांग्रेस पार्टी ने उन्हें और सम्मानित किया.बीजेपी नेता ने कहा कि ये रेप करने वालों का समर्थन करते हैं.
VIDEO | BJP national spokesperson Shehzad Poonawalla, reacting to Samajwadi Party leader ST Hasan’s remark, says, “Insulting women is the identity of the INDI Alliance. Yesterday, we saw how an MLA (ST Hasan) spoke about rape and women, and instead of removing him, the Congress pic.twitter.com/xWYq4GXASw
— Press Trust of India (@PTI_News) January 18, 2026
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान पर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने कहा कि मुझे लगता है कि इसके पीछे इंटरनेट एक बड़ी वजह है. इंटरनेट पर अश्लीलता से नौजवानों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ता है. इससे वे अपनी सेक्शुअल इच्छाओं पर कंट्रोल नहीं कर पाते. इस दौरान जब कोई महिला या लड़की उनके आस-पास आती है, तो उसका रेप हो जाता है.
‘पत्नी-बेटी में फर्क भूल जाते हैं’
एसटी हसन ने कहा कि इसके पीछे मुख्य कारण शराब है. शराब पीने के बाद आदमी अपनी पत्नी और बेटी में फर्क करना भूल जाता है. हमने इसके कई उदाहरण देखे हैं. हमें रेप करने वालों को सजा देने के लिए सख्त कानूनों की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को चौराहे पर गोली मार देनी चाहिए.
‘खूबसूरत लड़की को देखकर लड़के परेशान हो जाते हैं’
मध्य प्रदेश के विधायक फूल सिंह बरैया ने शनिवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि खूबसूरत महिलाएं पुरुषों को “परेशान” कर सकती हैं, जिससे रेप हो सकता है. उन्होंने SC, ST और OBC महिलाओं के रेप को धार्मिक ग्रंथों से भी जोड़ा. अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में फूल सिंह ने कहा था कि सड़क पर चलते हुए कोई भी आदमी एक खूबसूरत महिला को देखकर परेशान हो सकता है, जिससे उनके अनुसार रेप हो सकता है.
उन्होंने कहा था कि रेप की थ्योरी यह है कि कोई भी दिमाग का आदमी अगर रास्ते पर जाते हुए किसी खूबसूरत लड़की को देख ले, तो उसका मन विचलित हो सकता है और रेप हो सकता है. उन्होंने आगे दावा किया कि कुछ ग्रंथ आध्यात्मिक पुरस्कारों का वादा करके रेप की इजाज़त देते हैं.
किसी भी धर्म का नाम लिए बिना, उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रंथों में सुझाव दिया गया है कि अगर कोई व्यक्ति तीर्थ स्थल पर नहीं जा पाता है, तो आध्यात्मिक पुण्य कमाने के लिए दलित या आदिवासी महिलाओं के साथ संबंध बनाना एक वैकल्पिक रास्ता है.

