दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) अब अपनी आने वाली फेज-4 परियोजना में ड्राइवरलेस यानी बिना ड्राइवर की ट्रेनें शुरू करने जा रहा है. इस कदम का मकसद मेट्रो संचालन को और ज्यादा तेज़, सुरक्षित और सटीक बनाना है ताकि मानवीय गलती की संभावना कम हो सके. DMRC के एक सीनियर अधिकारी ने Indian Express से बातचीत में बताया, आने वाला फेज-4 भी ड्राइवरलेस ट्रेनों से लैस होगा.
पहले से चल रही हैं ड्राइवरलेस ट्रेनें
देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो 28 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैजेंटा लाइन (जनकपुरी वेस्टबॉटैनिकल गार्डन) पर शुरू की थी. इसके बाद से दिल्ली मेट्रो ने धीरे-धीरे Unattended Train Operation (UTO) सिस्टम को बढ़ाया है. फिलहाल पिंक लाइन (लाइन-7) और मैजेंटा लाइन (लाइन-8) पर ऐसी सेवाएं चल रही हैं. DMRC अधिकारी के मुताबिक, अभी पिंक लाइन पर 43 और मैजेंटा लाइन पर 26 ड्राइवरलेस ट्रेनें चल रही हैं.
दुनिया में अपनी पहचान बना रही है दिल्ली मेट्रो
DMRC का कहना है कि ड्राइवरलेस तकनीक आने से ट्रेन कोच की उपलब्धता और दक्षता में काफी सुधार हुआ है. पहले जो काम मैन्युअली किए जाते थे, अब ऑटोमेशन से हो रहे हैं. इससे मेंटेनेंस आसान हुआ है और ऑपरेटरों का काम का बोझ कम हुआ है.
DMRC के मुताबिक, जब फेज-4 पूरी तरह तैयार हो जाएगा और एरोसिटीतुगलकाबाद गोल्डन लाइन के साथ-साथ पिंक और मैजेंटा लाइन के एक्सटेंशन पर भी ड्राइवरलेस ट्रेनें चलने लगेंगी, तब दिल्ली मेट्रो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क बन जाएगा लगभग 160 किलोमीटर के पूरी तरह ऑटोमेटेड रूट के साथ.
फेज-4 प्रोजेक्ट की झलक
फेज-4 में कुल तीन प्रायोरिटी कॉरिडोर शामिल हैं इसमें मजलिस पार्क से मौजपुर (पिंक लाइन), जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग (मैजेंटा लाइन), दिल्ली एरोसिटी से तुगलकाबाद (गोल्डन लाइन), इंदरलोक से इंद्रप्रस्थ (ग्रीन लाइन), लाजपत नगर से साकेत G ब्लॉक (गोल्डन लाइन) और रिठाला से कुंडली (रेड लाइन) के बीच ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन चलेगी.
