मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने की घोषणाImage Credit source: Mayur Kakade/E+/Getty Images
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों का पूरा सिस्टम बदलने जा रहा है. मध्य प्रदेश में जल्द ही सभी सरकारी नौकरियों के लिए ही परीक्षा होगी. मसलन, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भर्तियों के लिए ही एक ही एग्जाम होगा. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ माेहन यादव ने मंगलवार को की है. डॉ मोहन यादव ने राज्य कर्मचारी संघ की तरफ से आयोजित दिवाली मिलन समारोह में ये घोषणा की है.
आइए जानते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार का UPSC की तर्ज पर सभी सरकारी नौकरियां कराने का प्लान क्या है? साथ ही जानेंगे कि 20 हजार पदों पर पुलिस भर्ती को लेकर उन्होंने क्या कहा है.
UPSC की तर्ज पर होगा एक एग्जाम
राज्य कर्मचारी संघ की तरफ से आयोजित दिवाली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अभी तक प्रदेश में अलग-अलग सरकारी नौकरियों के लिए अलग-अलग एग्जाम होते थे. इसमें समय लगता था और अभ्यर्थियों को नौकरी मिलने में भी समय लगता था. उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि यूपीएससी की तर्ज पर एक ही एग्जाम कराएंगे.
20 हजार पदों पर पुलिस भर्ती
दिवाली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में पुलिस भर्ती के लिए रिक्त 20 हजार से अधिक पदों को भरना है. उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती के रिक्त 20 हजार पदों को तीन साल में पूरा किया जाएगा. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 19504 नए पदों को भरने का काम भी सरकार कर रही है.
कर्मचारी आयोग का होगा गठन
दिवाली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश में कर्मचारी आयाेग गठित करने का भी ऐलान किया. उन्होंने कहा कि विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे में परिवर्तन दूर करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में कर्मचारी आयोग का गठन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कर्मचारी और अधिकारियों की वेतन विसंगति दूर करने का काम इसके माध्यम से किया जाएगा. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस को देने को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को 9 साल से हाउस रेंट अलाउंस नहीं दिया गया था, उनकी सरकार ने ये काम किया है.
