उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार.
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने मुरादाबाद प्रवास के दौरान एसआईआर प्रक्रिया और वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी. आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के जन्मदिवस समारोह में शिरकत करने पहुंचे मंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद अब प्रदेश को एक पारदर्शी और बिना खामियों वाली वोटर लिस्ट मिलेगी. मुरादाबाद में करीब 3 लाख फर्जी व अपात्र नामों के हटाए जाने को उन्होंने स्वस्थ लोकतंत्र की जीत बताया.
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर चिंता जताई. बांग्लादेश हिंसा को निंदनीय बताते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की सक्रियता पर भरोसा जताया. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि ईडी और सीबीआई स्वतंत्र संस्थाएं हैं और विपक्ष सत्ता से बाहर होने की बौखलाहट में लोकतंत्र के खतरे में होने का झूठा विलाप कर रहा है.
विपक्ष के आरोप निराधार और राजनीति से प्रेरित
उन्होंने विपक्ष द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित करार दिया. सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अनिल कुमार ने तमाम मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया. मनरेगा का नाम बदलने पर विपक्ष की आपत्ति का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि पूर्व में भी ‘नरेगा’ में ‘M’ जोड़कर बदलाव किए गए थे. वर्तमान सुधारों का उद्देश्य योजना को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाना है, ना कि किसी का अपमान करना.
#WATCH पटना, बिहार: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राहुल गांधी के बयान पर कहा, “उनका कहना गलत है। MGNREGA का स्वरूप नहीं बदला है। उसमें रोजगार की जो 100 दिनों की गारंटी थी, उसे बदलकर 125 दिन कर दिया गया है। यह अच्छी बात है। MGNREGA अब और अच्छे रूप में चलेगा। हे राम गांधी जी का pic.twitter.com/QFsp9C6TuF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 27, 2025
MGNREGA का स्वरूप नहीं बदला:मांझी
इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान को गलत करार देते हुए उन्होंने कहा, MGNREGA का स्वरूप नहीं बदला है. उसमें रोजगार की जो 100 दिनों की गारंटी थी, उसे बदलकर 125 दिन कर दिया गया है. यह अच्छी बात है. MGNREGA अब और अच्छे रूप में चलेगा. हे राम गांधी जी का अंतिम स्वर था और उन्हीं के आदर्शों पर इसका नाम G-RAM G रखा गया है.

