DGP राजीव कृष्ण (फाइल फोटो).
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. रिश्वत लेने के मामले में चित्रकूट, बांदा और कौशांबी जिले के कुल 11 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की गई है, जिससे पुलिस विभाग की छवि को और मजबूत करने का संदेश दिया गया है.
वायरल वीडियो ने खोली पोल
मामला तब सामने आया, जब इन पुलिसकर्मियों का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेने की घटनाएं स्पष्ट दिखाई दे रही थीं. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ने तुरंत जांच के आदेश दिए. जांच में दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया.
किन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज?
निलंबित पुलिसकर्मियों में चित्रकूट जिले के तीन थाना प्रभारी, एक दरोगा और तीन आरक्षी शामिल हैं. बांदा जिले में एक थाना प्रभारी और एक आरक्षी पर कार्रवाई की गई है. वहीं, कौशाम्बी जिले में एक दरोगा और एक आरक्षी को निलंबित किया गया है. इन सभी के खिलाफ रिश्वतखोरी के पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया.
डीजीपी ने कहा- भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. डीजीपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस विभाग की छवि को स्वच्छ और पारदर्शी रखना उनकी प्राथमिकता है.
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आम जनता के सहयोग से भ्रष्टाचार के मामलों में पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी. डीजीपी ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कानून-व्यवस्था और जनता की सेवा में पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करें.
इन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
- चित्रकूट के तीन थाना प्रभारी- प्रभारी निरीक्षक भरतकूप, थानाध्यक्ष पहाड़ी और थानाध्यक्ष राजापुर, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक ( जिसमें एक महिला उपनिरीक्षक भी शामिल हैं) एवं एक उपनिरीक्षक व तीन आरक्षी.
- बांदा जिले के एक थानाध्यक्ष बदौसा (उपनिरीक्षक) व थाने का एक आरक्षी.
- कौशांबी जिले के एक थानाध्यक्ष महेवाघाट (उपनिरीक्षक) और थाने का एक आरक्षी.
