उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मिर्जापुर जिले में पहली बार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है. अपर आयुक्त डॉ विश्राम यादव की पत्नी रमा यादव के इलाज में लापरवाही के मामले में डिप्टी सीएम ने चार डॉक्टरों एक नर्स के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है. इलाज में लापरवाही और समय से ईसीजी नहीं कराये जाने के संबंध में कार्रवाई का आदेश दिया है.
दरअसल, 10 जून 2024 को अपर आयुक्त की पत्नी की अचानक तबीयत खराब होने पर जिला मंडलीय अस्पताल लाया गया था जहां डॉक्टरों की लापरवाही से उनकी मौत हो गई थी. विंध्याचल मंडल में तैनात अपर आयुक्त डॉ विश्राम यादव की पत्नी रमादेवी की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने 15 महीने बाद डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
क्या है मामला?
दरअसल, 10 जून 2024 को विंध्याचल मंडल में तैनात अपर आयुक्त डॉक्टर विश्राम की पत्नी रमादेवी की रात 9 बजे तबीयत खराब होने पर आवास पर मौजूद परिजनों और कर्मचारियों ने जिला मंडलीय अस्पताल पहुंचाया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. अपर आयुक्त डॉ विश्राम यादव विभागीय काम से लखनऊ गए हुए थे.
लापरवाही करने के मामले में एक्शन
जानकारी मिलते ही वापस आने पर डॉ विश्राम यादव ने डॉक्टरों के लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया था, जिसको लेकर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जांच करने के बाद दोषी पाए जाने पर अस्पताल के डॉक्टर तरुण सिंह, डॉक्टर सुनील सिंह, डॉक्टर पंकज पांडेय और नर्स सुषमा पर कार्रवाई विभागीय करने का आदेश दिया है.
डीप्टी सीएम ने कार्रवाई के दिए आदेश
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि अपर आयुक्त (प्रशासन), विध्यांचल मण्डल मिर्जापुर की पत्नी के इलाज में लापरवाही व समय से ई०सी०जी० नहीं कराये जाने के संबंध में दोषी पाए जाने पर मण्डलीय चिकित्सालय, मिर्जापुर में तैनात 04 चिकित्साधिकारियों को आरोप पत्र देकर उनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई तथा उसी समय तैनात एक स्टाफ नर्स, जो कि सेवानिवृत हो चुकी हैं, के विरुद्ध भी सुसंगत नियमों के अधीन कार्रवाई किए जाने के आदेश मेरे द्वारा दिए गए हैं.
(रिपोर्ट-जय प्रकाश सिंह/मिर्जापुर)
