यूजीसी ने नए कानून का भारी विरोध हो रहा है.
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए कानून का यूपी, बिहार से लेकर राजस्थान तक जबरजस्त विरोध रहा रहै. यूपी के मेरठ, हापुड़ सहित कई जिलों में छात्र इसके विरोध में पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. हापुड़ में दर्जनों घरों के बाहर इसके विरोध में पोस्टर लगाए गए, जिन पर लिखा भाजपा नेता वोट मांगने ना आए. पोस्टर में लिखा यह स्वर्ण समाज का घर है. पोस्टर पर स्वर्ण अगेंस्ट बीजेपी लिखा गया. सिंभावली क्षेत्र के बक्सर में ये पोस्टर लगे हैं.
वहीं अमेठी में UGC कानून के समर्थन और लागू नीति के विरोध में भाजपा बूथ अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया. बूथ अध्यक्ष ने वॉट्सएप के माध्यम से मंडल अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया. जनपद अमेठी के भेंटुआ ब्लाक के कोरारी हीरशाह के बूथ संख्या 7 के बूथ अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने यूजीसी कानून के विरोध में इस्तीफा दिया है.
उन्होंने इसे समाज विभाजन का कानून बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि UGC का नया कानून से मेरे वैचारिक, सामाजिक और नैतिक सिद्धांतों के विरुद्ध है. इस निर्णय का मैं समर्थन नहीं कर सकता है. इसलिए मैंने तत्कार प्रभाव से इस्तीफा दे दिया.
करणी सेना ने दी चेतावनी
UGC के नए कानून का विरोध करते हुए राजस्थान के अलवर में करणी सेना ने कहा कि बीजेपी सरकार केंद्र में राम रहीम की लड़ाई लेकर आई है. बीजेपी सरकार भाई-भाई और सनातक को बांटने का काम कर रही है. करणी सेना ने कहा कि ये बिल समाज में खाई खोदने का काम करेगा. करणी सेना ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये दो व्यक्तियों की साजिश है .जिनका नाम है मोदी ओर अमित शाह है और इनकी मानसिकता ओछी हो गई है.
इस बिल का सीधा सीधा प्रभाव स्वर्ण कास्ट की पीढ़ी पर पड़ेगा. करणी सेना ने कहा कि हमे मालूम नहीं था कि हमारा चौकीदार ही चोर निकलेगा. ये मन की बात नहीं काले मन की बात करते है. मोदी जी आपकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है.
मोदी जी आपकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है. मोदी अब वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. ब्राह्मण समाज और क्षत्रिय समाज वाराणसी से चुनाव लड़ने नहीं देगा. करणी सेना ने कहा कि इस बिल के विरोध में पूरे देश में आंदोलन होगा. हम दिल्ली कूच करेंगे और जंतर मंतर पर आंदोलन करेंगे.
नरसिंहानंद गिरि ने किया विरोध
गाजियाबाद डासना पीठ के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने खुले तौर पर UGC नियमों का विरोध शुरू कर दिया. वह जंतर-मंतर पर अनशन के लिए दिल्ली जा रहे थे, लेकिन गाजियाबाद में ही पुलिस ने उन्हें रोककर नजरबंद कर दिया. इसके बाद उन्होंने योगी सरकार पर सवर्ण समाज की आवाज दबाने का आरोप लगाया, जिससे मामला और गरमा गया.
बिहार में भी प्रदर्शन
बिहार के वैशाली स्थित हाजीपुर के ऐतिहासिक कौनहारा घाट पर गज ग्राह के मूर्ति के शिलान्यास व भूमि पूजन में शामिल हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय यूजीसी मुद्दे पर बोलने से बचते नजर आए. कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने UGC से जुड़े सवाल नित्यानंद राय से किया गया तो मंत्री ने सवालों से बचते हुए हर हर महादेव,बाबा हरिहरनाथ की जय,गंगा मैया की जय का जयघोष करते चले गए. वहीं इसके अलावा मधुबनी सहित कई जिलों में सवर्ण समाज के लोग इसका विरोध कर रहे हैं.
क्या है यूजीसी का नया कानून, जिस पर मचा है बवाल?
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने हाल ही में यूजीसी एक्ट 2026 इक्विटी रेगुलेशन को लागू किया है, जिसे सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में तत्काल लागू करने के आदेश दिए गए हैं. विश्वविद्यालयों और काॅलेजों में समानता को बढ़ावा देने के लिए इसे लागू किया गया है.
नए नियमों के तहत सभी यूनिवर्सिटी और काॅलेजों में अब एससी (SC), एसटी (ST) और ओबीसी (OBC) के लिए समान अवसर प्रकोष्ठ बनाना अनिवार्य होगा. अभी तक यह केवल एससी और एसटी के लिए ही लागू था.
सबसे ज्यादा बवाल इस बात पर है कि नए नियमों में अन्य पिछड़ा वर्ग को भी ‘जातिगत भेदभाव’ की सूची में शामिल किया गया है. जनरल कैटेगरी के छात्रों का मानना है कि OBC को पहले से ही आरक्षण जैसी सुविधाएं मिल रही हैं, ऐसे में उन्हें भी इस कैटेगरी क्यों रखा गया है.

