पढ़ाई में मोबाइल फोन का इस्तेमाल स्टूडेंट्स पर बुरा असर डाल रहाImage Credit source: Getty image
Smartphone Addiction in Students: इंटरनेट की एंट्री के बाद मोबाइल प्रत्येक आदमी की जिंदगी का हिस्सा हो गया है. तो वहीं कोरोना माहामारी के बाद शुरू हुई ऑनलाइन एजुकेशन से मोबाइल यानी स्मार्टफोन की पहुंच देश-दुनिया के प्रत्येक स्टूडेंट तक आसान हुई है. मसलन, मौजूदा समय में पढ़ाई स्मार्टफोन के बिना अधूरी है. आलम ये है कि गेम खेलने से लेकर पढ़ाई तक अब मोबाइल पर आधारित हो गई. इससे स्टूडेंट्स मोबाइल पर निर्भर यानी मोबाइल की लती हुए हैं और मोबाइल ये लत स्टूडेंट्स को बुरी तरह प्रभावित कर रही है. इससे स्टूडेंट्स की सीखने की क्षमता को प्रभावित कर रही है. कई रिसर्च के मेटा-एनालिसिस से ये फैक्ट निकल कर सामने आए हैं.
आइए जानते हैं कि कितने रिसर्चों के मेटा-एनालिसिस के बाद स्मार्टफोन से स्टूडेंट्स के नुकसान को रेखांकित किया गया है. जानेंगे कि किस तरह से स्मार्टफोन की लत स्टूडेंट्स को प्रभावित कर रही है.
44 रिसर्च, 16 देश और 1.47 लाख स्टूडेंट्स
स्मार्टफोन का स्टूडेंट पर प्रभाव संबंधी मेटा-एनालिसिस को ScienceDirect में प्रकाशित किया गया है. येमेटा-एनालिसिस 44 स्टडीज यानी रिसर्च पर आधारित हैं. ये रिसर्च 16 देशों के 147,943 कॉलेज स्टूडेंट्स के बीच की गई थी. इन 16 देशों में ब्राज़ील, चीन, इटली, लेबनान, नाइजीरिया, तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं.
स्मार्टफोन की लत क्या है?
- स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल
- जबरदस्ती मोबाइल फोन इस्तेमाल
- मोबाइल फोन पर निर्भरता
- मनचाहे प्रभाव को प्राप्त करने के लिए माेबाइल का इस्तेमाल
- मोबाइल में व्यस्तता
- अस्थायी संतुष्टि के लिए मोबाइल का प्रयोग
- मोबाइल इस्तेमाल के लिए नियंत्रण खोना
- बिना मोबाइल के प्रयोग से नींद आने में समस्या
- कंट्रोल करने या छोड़ने की बार-बार कोशिशें
- इस्तेमाल से जुड़ी शारीरिक या मनोवैज्ञानिक समस्याएं
- मोबाइल इस्तेमाल की क्रेविंग
मोबाइल फोन का इस्तेमाल क्लास में ध्यान भटकाता है
स्मार्टफोन का स्टूडेंट पर प्रभाव संबंधी मेटा-एनालिसिस का निष्कर्ष हैं कि पढ़ाई के दौरान फोन का जितना ज्यादा इस्तेमाल होता है, उससे सीखने और एकेडमिक परफॉर्मेंस पर उतना ही ज्यादा नकारात्मक असर पड़ता है. स्मार्टफोन का स्टूडेंट पर प्रभाव संबंधी मेटा-एनालिसिस इसके साथ ही इन नुकसानों को रेखांकित करता है.
- क्लासरूम में ज्यादा स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से एकेडमिक परफॉर्मेंस खराब हो सकती है.
- फोन के इस्तेमाल से क्लास में स्टूडेंट्स का ध्यान भटकता है. यह क्लास के बाहर भी पढ़ाई पर असर डालता है.
- क्लास में टेक्स्टिंग करने से स्टूडेंट्स की एकेडमिक परफॉर्मेंस पर काफी नेगेटिव असर पड़ता है.
- होमवर्क करते समय टेक्स्ट करना, फेसबुक चेक करने से काम पूरा करने में रुकावट आती है.

