देवदत्त का दोहरा शतक (Photo: PTI)
Karnataka vs Uttrakhand: उत्तराखंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल के बल्ले से दोहरा शतक निकला है. उन्होंने अपना दोहरा शतक 288 गेंदों पर पूरा किया. पडिक्कल के इस दोहरे शतक की बदौलत कर्नाटक की टीम ने उत्तराखंड के खिलाफ अपनी स्थिति को तो मजबूत कर लिया है. मगर देवदत्त के लिए उसके अलावा भी इस दोहरे शतक की अहमियत है. इसे जमाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वो कितने जबरदस्त फॉर्म हैं. उन्होंने ये संदेश दे दिया है कि उनका बल्ला अभी रुकने वाला नहीं है.
232 रन बनाए… फर्स्ट क्लास करियर में पहली बार किय ऐसा
उत्तराखंड के खिलाफ देवदत्त पडिक्कल 330 गेंदों पर 232 रन बनाकर आउट हुए. उनकी इनिंग में 29 चौके और 3 छक्के शामिल रहे. बाएं हाथ के बल्लेबाज पडिक्कल की ये इनिंग उनके फर्स्ट क्लास करियर की सबसे बड़ी पारी तो है ही, उसके अलावा ये उनके करियर का पहला दोहरा शतक भी है. इससे पहले देवदत्त पडिक्कल का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर 193 रन का था.
कप्तान बनते ही छाए, जड़ दिया पहला दोहरा शतक
उत्तराखंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले की पहली पारी में जमाए देवदत्त पडिक्कल के दोहरे शतक की एक और खास बात ये रही कि इसकी स्क्रिप्ट उन्होंने अपनी कप्तानी में लिखी. कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों के लिए देवदत्त पडिक्कल को आउट ऑफ फॉर्म चल रहे मयंक अग्रवाल की जगह कप्तान बनाया है. सेमीफाइनल से पहले वो क्वार्टर फाइनल मैच में भी कप्तान थे.


