(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 31 अक्टूबर क्वाड के विदेश मंत्रियों ने शनिवार को मनमाने ढंग से लगाए जाने वाले निर्यात प्रतिबंधों और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित करने वाली गतिविधियों के जरिये बनाए जा रहे आर्थिक दबाव पर ‘गंभीर चिंता’ जताई। चीन पर स्पष्ट रूप से निशाना साधते हुए भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने आर्थिक दबाव बनाने के लिए उठाए गए कदमों, मनमाने निर्यात प्रतिबंधों तथा ऐसी गैर-बाजारी नीतियों और तौर-तरीकों पर गहरी चिंता व्यक्त की, जिनसे अत्यधिक उत्पादन क्षमता पैदा होती है और महत्वपूर्ण उद्योगों की वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं बाधित होती हैं। अटलांटा में बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में क्वाड के विदेश मंत्रियों ने भरोसेमंद और खुली वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं तथा विश्वसनीय एवं लचीले बुनियादी ढांचे के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
क्वाड के विदेश मंत्रियों की इस बैठक का आयोजन अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया था जिसमें भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने हिस्सा लिया। मंत्रियों ने महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों, निर्बाध व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा तथा जहाजों की बिना किसी शुल्क के सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) में निहित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में नौवहन संबंधी अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करने तथा उन्हें बनाए रखने की आवश्यकता भी दोहराई।

