NCP नेता नवाब मलिक.
महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के साथ-साथ दो दोस्तों के बीच दरार खबर लीक हो रही है. ये नया मामला बीजेपी और NCP अजित गुट में मतभेद को लेकर है, इसे आप राजनीतिक दरार भी कह सकते हैं और इस दरार की वजह NCP नेता नवाब मलिक हैं. विरोधी दल के नेता भी नवाब मलिक के पक्ष में खड़े हो गए हैं और कहने लगे हैं कि बीजेपी को जब पार्टी तोड़ने थी तो उसे सब ठीक था, अब दिक्कत होने लगी है.
मामला ये है कि महाराष्ट्र में BMC समेत कई जगहों पर लोकल बॉडी के चुनाव होने वाले हैं. NDA यानी महाराष्ट्र में महायुति ने ये चुनाव साथ मिलकर लड़ने का फैसला लिया है. उसके सारे सहयोगी इसकी तैयारी भी कर रहे हैं, ऐसे में NCP ने लोकल बॉडी के चुनाव के प्रबंधन की जिम्मेदारी अपने बड़े नेता नवाब मलिक को दे दी. ये बात बीजेपी को पसंद नहीं आई और उसने साफ कर दिया कि अगर नवाब मलिक NCP के चुनाव अभियान की अगुवाई करेंगे तो वो NCP के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी.
बीजेपी मंत्री आशीष शेलार बोले- हमारी भूमिका बिल्कुल साफ
बीजेपी ऐसा क्यों कह रही है, और आगे क्या होगा, ये समझने से पहले बीजेपी नेता और मंत्री आशीष शेलार का बयान जान लेते हैं, जिसमें वो NCP से दूरी बनाने का ऐलान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नवाब मलिक के लिए हमारी भूमिका कल भी वही थी आज भी वही है आगे भी यही रहेगी. विधानसभा चुनाव के दौरान भी हमारी भूमिका साफ थी कि हम नवाब मलिक को समर्थन नहीं कर सकते. ये मामला किसी व्यक्ति से ज्यादा उनके ऊपर जो आरोप से जुड़ा है. नवाब मलिक के ऊपर हसीना पारकर से संबंध जैसे कई आरोप लगे हैं. बीजेपी इस मामले में कोई समझौता नहीं कर सकती. मुंबई में नवाब मलिक के नेतृत्व में अजित पवार NCP चुनाव ना लड़े, ये यही हमारी भूमिका है.
इन आरोपों को लेकर बीजेपी नवाब मलिक का करती रही है विरोध
दरअसल बीजेपी शुरुआत से आरोप लगाती रही है कि नवाब मलिक के अंडरवर्ल्ड डॉन से संबंध रहे हैं. हसीना पारकर से संबंध रखने के आरोप भी शामिल हैं. नवाब पर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप भी लगे हैं.
बीजेपी का तर्क है कि वो अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकती. जबकि पार्टी को डर है कि नवाब मलिक के साथ दिखने से उनके कोर वोट बैंक पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. इसलिए वो बच-बच कर चल रही है, लेकिन NCP कह रही है नवाब मलिक हमारे बड़े नेता हैं, हमने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है, हम अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे.
सांसद सुप्रिया सुले बोलीं- पार्टी तोड़ी तब सब स्वीकार था, लेकिन…
इस पूरे मामले पर एनसीपी शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि नवाब भाई ने कुछ किया नहीं उनपर गलत आरोप लगे, ये बात नवाब मालिक पहले दिन से कह रहे हैं. बीजेपी, NCP (अजित गुट) की तो मित्रपक्ष पार्टी है. मित्रपक्ष के रूप में बीजेपी को नवाब मालिक से कोई समस्या नहीं थी. जब हमारी पार्टी तोड़ी तब बीजेपी ने नवाब मालिक को विधायक के तौर पर स्वीकार किया था लेकिन जब उनकी पार्टी बढ़ रही है तब ये आरोप लगाना गलत है.
वैसे महाराष्ट्र की राजनीति में नवाब मलिक और भारतीय जनता पार्टी के बीच विवादों की हिस्ट्री काफी पुरानी है. बीजेपी लंबे समय से नवाब मलिक पर दाऊद इब्राहिम गैंग से संबंध और जमीन घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगाती रही है। 2014 के बाद ये हमले और ज्यादा तेज हुए, और जब उद्धव ठाकरे की सरकार महाराष्ट्र में थी, उसी दौरान 23 फरवरी 2022 को ED ने नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था.
2022 में देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा था?
2022 में ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस के परिवार पर टिप्पणी की थी. तब फडणवीस ने कहा था कि वो नवाब के डी कंपनी से कनेक्शन का पर्दाफाश करेंगे. महाराष्ट्र के राजनीतिक सर्कल में इस बात की काफी चर्चा है कि नवाब के अंडरवर्ल्ड से रिश्तों के धागे खोलने के पीछे फडणवीस का बड़ा रोल है और उसी मामले में नवाब अभी फंसे हुए हैं.
हालांकि राजनीति में निजी रंजिश से ज्यादा राजनीतिक नफा-नुकसान देखा जाता है. मौजूदा मामला BMC से जुड़ा है. मुंबई नगर निगम में 227 सीटें हैं जिनमें करीब 40 सीटों पर जीत का हार का फैसला मुस्लिम समुदाय पर निर्भर है. अजित पवार के पास नवाब मलिक से बड़ा मुस्लिम चेहरा नहीं है. अजित पवार इस नवाब मलिक के जरिए इन 40 सीटों पर मजबूत लड़ाई लड़ना चाहती है, जिससे उनकी पार्टी मुंबई में अपना आधार मजबूत कर पाए. फिलहाल मुंबई में बीजेपी और शिवसेना शिंदे की असर है.
शिंदे गुट से भी टकरा चुकी है बीजेपी
NCP से पहले शिवसेना शिंदे के साथ भी बीजेपी टकरा चुकी है. दरअसल शिवसेना शिंदे के कई नेता हाल के दिनों में बीजेपी में शामिल हुए हैं. इससे शिवसेना शिंदे के मंत्री नाराज हो गए और वो कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए. सिर्फ एकनाथ शिंदे शामिल हुए थे. शिवसेना की नाराजगी को दूर करने के लिए बीजेपी ने भरोसा दिया कि अब वो शिवसेना के किसी भी नेता और कार्यकर्ता को अपनी पार्टी में शामिल नहीं करेगी.

