सांकेतिक तस्वीर
मध्य प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अब कृषि फीडरों पर बिजली आपूर्ति की तय अवधि के उल्लंघन को गंभीरता से लिया है. कंपनी ने इस पर सख्त कदम उठाते हुए बताया कि अगर निर्धारित 10 घंटे की सीमा पार होती है, तो फील्ड से लेकर जीएम स्तर तक के अधिकारियों के वेतन में कटौती की जाएगी.
मामले में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने कृषि फीडरों पर निर्धारित सीमा से अधिक बिजली आपूर्ति करने पर अब अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है. कंपनी की ओर से 3 नवंबर 2025 को भोपाल स्थित मुख्यालय से जारी किए गए संशोधित आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि किसी भी क्षेत्र में कृषि फीडर पर 10 घंटे से अधिक बिजली सप्लाई दी जाती है, तो संबंधित अधिकारी से लेकर महाप्रबंधक (जीएम) स्तर तक के अधिकारियों के एक दिन के वेतन की कटौती की जाएगी.
नियम के उल्लंघन पर कटेगा वेतन
जारी आदेश के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में लगातार दो दिन कृषि फीडर पर 10 घंटे से अधिक बिजली सप्लाई दी जाती है तो संबंधित एसडीओ का एक दिन का वेतन काटा जाएगा. यदि यही स्थिति तीन दिन तक बनी रहती है तो डीई (डिवीजनल इंजीनियर) का वेतन काटा जाएगा, और यदि यह समस्या इससे अधिक दिनों तक जारी रहती है, तो डीजीएम (उप महाप्रबंधक) व जीएम (महाप्रबंधक) स्तर के अधिकारियों का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है.
बढ़ाई गई सख्ती
आदेश में यह भी कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा निर्धारित कृषि फीडर की विद्युत आपूर्ति अवधि का कड़ाई से पालन किया जाए. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मीटर से रीडिंग लेने में अधिकतम 1-2 मिनट का तकनीकी अंतर संभव है, लेकिन यदि मीटर 10 घंटे 1 मिनट या उससे अधिक की आपूर्ति दर्ज करता है, तो इसे निर्धारित सीमा से अधिक माना जाएगा.
कंपनी ने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे कृषि फीडरों पर बिजली आपूर्ति की अवधि की नियमित मॉनिटरिंग करें और किसी भी अनियमितता की स्थिति में तत्काल रिपोर्ट दें. इस आदेश के बाद विभागीय स्तर पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है.

