भारत-श्रीलंका का युद्धाभ्यास
भारत और श्रीलंका की सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास Mitra ShaktiXI, FTN बेलगावी में तेज़ी से चल रहा है. लगातार दो दिनों तक दोनों देशों के सैनिकों ने कई अहम प्रशिक्षण गतिविधियां कीं. जवानों ने हाई-इंटेंसिटी फिटनेस एक्सरसाइज, योग सेशन और हेलिकॉप्टर से उतारने की ड्रिल यानी हेलिबोर्न इंसर्शन जैसी ट्रेनिंग की. इससे न सिर्फ उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ी, बल्कि आपसी तालमेल और भरोसा भी मजबूत हुआ.
अभ्यास में ऑपरेशन के दौरान काम आने वाली कई तकनीकों पर भी फोकस रहा. रोड ओपनिंग पार्टी की प्रक्रिया, घायल जवानों को निकालने की विधि, कॉम्बैट मेडिकल ट्रेनिंग और ड्रोन के इस्तेमाल पर विस्तृत डेमो दिए गए. श्रीलंका सेना ने ऑपरेशन इंद्रा सेरा पर अपना अनुभव शेयर किया. साथ ही छोटे दलों की रणनीति, IED की पहचान और उन्हें निष्क्रिय करने पर भी चर्चा हुई.
#OperationalTraining#LtGenManjinderSingh, #ArmyCommander #SaptaShaktiCommand witnessed the operational preparedness and validation training of newly raised Bhairav Strike Force.
The troops demonstrated their operational capability and readiness to undertake offensive tasks in pic.twitter.com/ouRRf8nKBT
— SouthWesternCommand_IA (@SWComd_IA) November 16, 2025
क्या-क्या एक्टिविटी करवाई?
सैनिकों को जंगल में जीवित रहने की ट्रेनिंग भी मिली. इसमें सांप पकड़ने की तकनीक, शेल्टर बनाना और ट्रैप लगाना जैसी स्किल्स सिखाई गईं. मानसिक मजबूती बढ़ाने के लिए LIDO जम्प जैसी एक्टिविटी कराई गई. अंत में दोनों देशों के सैनिकों ने संयुक्त लाइव फायरिंग अभ्यास किया, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी और हथियार चलाने की क्षमता और मजबूत हुई.
मित्र शक्ति – 2025 अभ्यास में हेलीकॉप्टरों के अलावा ड्रोन और मानवरहित हवाई प्रणालियों का भी उपयोग किया गया. यहां आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान हेलीपैडों की सुरक्षा और हताहतों को निकालने के अभ्यास का भी दोनों पक्ष संयुक्त रूप से पूर्वाभ्यास किया गया. सामूहिक प्रयास सैनिकों के बीच बेहतर अंतर-संचालन क्षमता प्राप्त करने और शांति अभियानों के दौरान संयुक्त राष्ट्र के हितों को सबसे पहले और ऊपर रखते हुए जान-माल के जोखिम को कम करने पर केंद्रित करना है.
दोनों पक्ष युद्ध कौशल के व्यापक क्षेत्र पर विचारों और संयुक्त अभ्यासों के अभ्यासों का आदान-प्रदान करेंगे जिससे प्रतिभागियों को एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिला. सर्वोत्तम अभ्यासों को शेयर करने से भारतीय सेना और श्रीलंकाई सेना के बीच रक्षा सहयोग का स्तर और बढ़ेगा. यह अभ्यास दोनों पड़ोसी देशों के बीच मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा देगा.

