जेएनयू छात्रसंघ चुनावImage Credit source: Social Media
JNUSU Election 2025: जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (JNUSU) चुनाव 2025 के कार्यक्रम का ऐलान हो गया है, जिसके तहत 4 नवंबर को मतदान की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी. तो वहीं 6 नंवबर को नतीजे घोषित होंगे. इसके साथ ही जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है. जेएनयू छात्रसंघ चुनाव कमेटी की तरफ से जारी आचार संहिता के मुताबिक चुनाव प्रचार के लिए फोटोकॉपी और हाथ से बने पोस्टरों को ही उपयोग होगा.
आइए जानते हैं कि जेएनयू छात्र संघ चुनाव के लिए लागू आचार संहिता क्या है? साथ ही जानेंगे कि जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के लिए आयोग का गठन कैसे होता है.
ये है जेएनयू छात्रसंंघ चुनाव की आचार संहिता
- चुनाव प्रचार के लिए छात्र केवल हाथ से बने पोस्टर और फोटोकॉपी की गई सामग्री का ही उपयोग कर सकते हैं.
- चुनाव आयोग कार्यालय में प्रति जमा किए बिना और उसकी अनुमति प्राप्त किए बिना कोई भी पोस्टर, पर्चे प्रसारित या चिपकाए नहीं जा सकते.
- कैंपस की इमारतों, सड़कों, बिजली के खंभों, बस स्टॉप, पेड़ों आदि का प्रचार के लिए उपयोग सख्त वर्जित है.
- कोई भी छात्र किसी भी उद्देश्य से यूनिवर्सिटी कैंपस की किसी भी संपत्ति को विकृत या नष्ट नहीं करेगा. यूनिवर्सिटी की संपत्ति को विकृत या नष्ट करने पर कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
- कोई भी सार्वजनिक, सामाजिक, सांस्कृतिक या राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन करने से कम से कम 24 घंटे पहले उसे चुनाव आयोग के ध्यान में लाना होगा. चुनाव आयोग ऐसी गतिविधियों के समय और स्थान के लिए अनुमति प्रदान करेगा.
- ऐसे किसी भी जुलूस और सभा के दौरान सार्वजनिक संबोधन प्रणाली, वाहनों और जानवरों का उपयोग सख्त वर्जित है.
जेएनयू छात्र ही संपन्न कराते हैं चुनाव
जेएनयू छात्रसंघ चुनाव अपने आप कई विशेषताएं समेटे हुए है. असल में प्रत्येक साल जेएनयू में पढ़ रहे छात्र ही छात्रसंघ चुनाव संपन्न कराते हैं. यानी की जेएनयू छात्रसंघ चुनाव का संचालन करने वाले चुनाव आयोग में सभी छात्र होते हैं. किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होता है. चुनाव आयोग चुनने के लिए स्कूल जीबीएम आयोजित की जाती हैं. स्कूल जीबीए में चुनाव आयोग का अध्यक्ष और सदस्यों का चुनाव किया जाता है, जो चुनाव तारीख के ऐलान के साथ चुनाव प्रक्रिया का संचालन करते हैं.
