आईपीएस ऑफिसर तृप्ति भट्ट
IPS Tripti Bhatt: आईपीएस अधिकारी तृप्ति भट्ट की कहानी उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है, जो ऊंचे लक्ष्य तो रखते हैं, लेकिन रास्ते में आने वाली सुरक्षित सुविधाओं के कारण रुक जाते हैं. तृप्ति ने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य साफ हो और इरादा मजबूत हो, तो कोई भी फैसला गलत नहीं होता. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उनके पास 15 से ज्यादा सरकारी नौकरियों के प्रस्ताव थे, लेकिन उन्होंने सब छोड़कर यूपीएससी का कठिन रास्ता चुना. आज वह न सिर्फ आईपीएस अधिकारी हैं, बल्कि अब IPS तृप्ति भट्ट को उत्तराखंड सरकार ने नई जिम्मेदारी दी है, उन्हें अपर सचिव गृह व कारगार की जिम्मेदारी दी गई है.
डॉ. कलाम से मिली प्रेरणा
तृप्ति भट्ट का जन्म शिक्षकों के परिवार में हुआ, जहां पढ़ाई और अनुशासन को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता था. जब वह नौवीं कक्षा में थीं, तब उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से मिलने का अवसर मिला. इस मुलाकात में डॉ. कलाम ने उन्हें एक हस्तलिखित पत्र दिया, जिसमें देशसेवा और मेहनत का संदेश था. यही पत्र उनके जीवन की दिशा बदलने वाला साबित हुआ.
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद तृप्ति को एनटीपीसी में सहायक प्रबंधक की नौकरी मिली. इसके अलावा आईएसआरओ समेत करीब 16 सरकारी संस्थानों से नौकरी के प्रस्ताव आए. यह एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर था, लेकिन तृप्ति का सपना इससे बड़ा था, उन्होंने तय किया कि वो देश के लिए सीधे काम करना चाहती हैं. इसी सोच के साथ उन्होंने सभी नौकरियों को छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.
पहले ही प्रयास में सफलता और बहुमुखी पहचान
2013 में तृप्ति भट्ट ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की और 165वीं रैंक हासिल की. इस रैंक के साथ वे आईएएस भी बन सकती थीं, लेकिन उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस को चुना. उनका मानना था कि पुलिस सेवा के जरिए वो समाज पर तुरंत और सीधे प्रभाव डाल सकती हैं.
आज तृप्ति भट्ट एक सफल आईपीएस अधिकारी हैं और जेल प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं. आपदा प्रबंधन, सुरक्षा और संवेदनशील हालात में उनके काम की काफी सराहना होती है. प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ तृप्ति खेलों में भी आगे रही हैं. वो मैराथन में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं, राज्य स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुकी हैं और ताइक्वांडो व कराटे में भी प्रशिक्षित हैं.
तृप्ति भट्ट की कहानी यह सिखाती है कि सच्ची मेहनत, आत्मविश्वास और सही लक्ष्य के साथ कोई भी व्यक्ति असाधारण सफलता हासिल कर सकता है.

