भारत-पाकिस्तान में अंडर-19 एशिया कप का फाइनलImage Credit source: Asian Cricket Council
क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टक्कर देखकर भला कभी किसी का मन भर सकता है? फॉर्मेट कोई भी हो, टीमें कोई भी हो, लेवल कोई भी हो… जब भी ये दोनों टीम भिड़ती हैं तो उत्सुकता, उत्साह और रोमांच हमेशा चरम पर होता है. खास तौर पर जब मैदान पर वैभव सूर्यवंशी जैसा युवा और धमाकेदार बल्लेबाज उतरने वाला हो तो फिर इसको लेकर बेकरारी और बढ़ जाती है. बस यही बेकरारी, उत्साह और रोमांचक रविवार 21 दिसंबर को दुबई की आईसीसी एकेडमी में होने वाले मुकाबले में भी नजर आएगा, जब अंडर-19 एशिया कप 2025 की ट्रॉफी के लिए भारत-पाकिस्तान की टक्कर होगी.
इस पूरे टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान की टीमें ही सबसे ज्यादा दबदबे से भरी नजर आई हैं. दोनों टीम ने ग्रुप स्टेज के मुकाबले आसानी से जीते. फिर सेमीफाइनल में भी बिना किसी परेशानी के जीत दर्ज की. भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 8 विकेट से हराया तो पाकिस्तान ने भी बांग्लादेश को इतने ही अंतर से हराया. वहीं ग्रुप स्टेज में भारतीय टीम ने 300 रन के अंतर से मैच जीता तो पाकिस्तान ने भी ऐसी ही जीत दर्ज की थी.
फाइनल में भी बरकरार रहेगा ये फर्क?
इतने दमदार प्रदर्शन के बाद भी दोनों टीम में इस टूर्नामेंट में एक फर्क रहा और इसे ही आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम इंडिया रविवार के फाइनल में बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी. ये अंतर है आपस की टक्कर का. इस फाइनल से पहले भी भारतीय टीम का टूर्नामेंट में पाकिस्तान से सामना हो चुका था और वहां टीम इंडिया ने 90 रन के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. इस तरह टीम इंडिया अभी तक पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी है, जबकि पाकिस्तान को एक बार शिकस्त मिल चुकी है.
वैभव लेंगे पाकिस्तान से अपना इंतकाम?
उस मुकाबले में टीम इंडिया को जीत तो मिली थी लेकिन फैंस को एक बात की निराशा हुई थी. 14 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी पिछली बार पाकिस्तान के खिलाफ उस मुकाबले में अपने विस्फोटक अंदाज में बैटिंग नहीं कर सके थे. उनके बल्ले से तब सिर्फ 5 रन निकले थे और वो सबसे पहले आउट हुए थे. मगर ये तो सब जानते हैं कि वैभव आसानी से हार मानने वालों में से नहीं हैं और वापसी करने का मौका भी नहीं गंवाते. ऐसे में फाइनल में वो पिछली नाकामी का हिसाब बराबर करना चाहेंगे. वो पहले ही इस टूर्नामेंट में 223 रन बना कर भारत के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज साबित हुए हैं. अब वो टीम को खिताब तक पहुंचाने के लिए बेकरार होंगे.

