हांगकांग की 8 हाई राइज बिल्डिंग में आग लगने के बाद 44 मौतें हो चुकी हैं.
Hong Kong Fire: इमारतों के लिए पहचाना जाने वाला हांगकांग चर्चा में है. यहां के ताइ पो इलाके में बुधवार को लगी आग ने वांग फुक कोर्ट नाम के विशाल रिहायशी कॉम्प्लेक्स के अपार्टमेंट्स को राख में बदल दिया है. 35 मंजिली ऊंची 8 इमारतों में करीब 2 हजार अपार्टमेंट थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आग बांस की मचान के कारण लगी, जिसके लिए हांगकांग मशहूर रहा है. तेज हवाओं ने आग को एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग के अपार्टमेंट्स तक पहुंचा दिया. अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है. 279 से ज्यादा घायल हैं. कई लापता हैं.
हांगकांग दुनिया में उन शहरों में शामिल है, जहां सबसे ज्यादा हाई राइज बिल्डिंग हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हांगकांग में 569 हाई राइज इमारते हैं. इस शहर की तस्वीरें सर्च करेंगे तो शायद ही आपको इमारतों के अलावा कुछ और दिखे. अब सवाल उठता है कि आखिर यहां इतनी ऊंची-ऊंची इमारतें क्यों है? ऐसी भी क्या मजबूरी है. आइए इसका जवाब जान लेते हैं.
हांगकांग ऊंची इमारतों का गढ़ क्यों है? जानें 5 बड़ी वजह
इस शहर को ऊंची इमारतों का गढ़ भी कहा जा सकता है. हालांकि, हाई राइज बिल्डिंग को बनाने में पीछे एक नहीं कई कारण रहे हैं. आइए एक-एक करके इन्हें समझ लेते हैं.
1- रहने लायक मात्र 25 फीसदी जमीन
हांगकांग की आबादी 73 लाख है. शहर का 75 फीसदी हिस्सा पहाड़ी और जंगलों से भरा है. यहां का मात्र 25 फीसदी हिस्सा ही ऐसा है जिसे रहने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यही शहरी विकास के योग्य है, जहां लोग रहते हैं. कम जगह में अधिक आबादी के कारण यहां रहने के लिए ऊंची-ऊंची इमारतों का ही विकल्प बचता है. इसलिए यह चलन आज भी बरकरार है.
हांगकांग में 569 हाई राइज इमारते हैं. फोटो: MR.Cole_Photographer/Moment/Getty Images
2- दुनिया की महंगी रियल-एस्टेट
हांगकांग में जमीनों की कीमतें हमेशा से ही आसमान छूती रही हैं. बिल्डिंग तैयार करने वाले डेवलपर्स ने इसे कमाई का जरिया बना लिया. उन्होंने बिल्डिंग में फ्लोर पर फ्लोर पर बनवाए. ऊंची बिल्डिंग में फ्लोर बनाने, बेचने और महंगे किराए पर देने का कारोबार बढ़ता गया.
इसकी कीमतें आकार और लोकेशन के आधार पर घटती-बढ़ती हैं. हांगकांग होम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां एक स्मॉल स्टूडियो की कीमत भारतीय करंसी में 4.5 करोड़ है. वहीं, बड़े और लग्जरी अपार्टमेंट की कीमत 20 करोड़ रुपए और इससे अधिक है. यही वजह है कि हांगकांग में रहना और अपना आशियाना आसान नहीं है.
यहां लगी आग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. फोटो: Isaac Lawrence/Getty Images
3- व्यापार और फाइनेंस का वैश्विक केंद्र
हांगकांग को दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंस कैपिटल के तौर पर भी जाना जाता है. यहां दुनिया की बड़ी कंपनियों के ऑफिस, बैंक, हेज फंड और विदेशी दूतावास हैं. ज्यादातर कंपनियों और संस्थानों को शहर के बीचों-बीच दफ्तर चाहिए. जगह सीमित है. इसलिए हाई राइज बिल्डिंग ही इसका सबसे आसान समाधान बनीं. नतीजा, ऊंची इमारतों का दायरा बढ़ता चला गया. फ्लोर दर फ्लोर ऑफिस बनते गए.
हांगकांग के ताइ पो इलाके में लगी आम की तस्वीर. फोटो: Li Zhihua/China News Service/VCG via Getty Images
4- सरकार ने की वर्टिकल प्लानिंग
मात्र 25 फीसदी रहने की जगह और बढ़ती आबादी के कारण यहां की सरकार ने शुरू से ही इस शहर के वर्टिकल डेवलपमेंट के लिए प्लानिंग की. पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेटो, स्काय ब्रिज और एलिवेटेड वॉकवे को ऐसे तैयार किया गया ताकि वो इस तरह के डेवलपमेंट को सपोर्ट करें.
यही वजह है कि इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने हाई-टेक निर्माण किए और टाइफून-प्रूफ डिजाइन के आधार पर निर्माण कराए. इससे बहुत ऊंची इमारतें बनाना आसान और सुरक्षित हुआ.
आग बढ़ने के कारण यहां से 1,000 से अधिक लोगों को बाहर निकालना पड़ा है. फोटो: VCG/VCG via Getty Images
5-बढ़ता रुतबा
हांगकांग जैसे-जैसे व्यापार और फाइनेंस का केंद्र बढ़ता गया, वैसे-वैसे यहां निर्माण बढ़ते गए. नतीजा, अब यहां हर तरफ हाई राइज बिल्डिंग नजर आती हैं. यहां की लोकेशन, टैक्स में कमी, बिजनेस के लिए बेहतर माहौल इसे खास बनाते हैं. जिसके कारण दुनियाभर की कंपनियां यहां अपना ऑफिस खोलती है. हांगकांग चीन और दुनिया के बीच के गेटवे के तौर काम करता है. यही वजह है कि इसका रुतबा बढ़ रहा है. सरकार यहां व्यापार का बढ़ता दायरा बनाए रखने के लिए ऊंची-ऊंची इमारतों की परमिशन देती है.
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