इंग्लैंड के खिलाड़ियों पर लगी बंदिशें
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 20 टीम मैदान पर उतरकर अपना दम दिखाने की कोशिश करेंगी. इनमें से कुछ ही टीम ऐसी हैं, जिन पर खिताब जीतने का दबाव होगा. ज्यादातर टीमों की कोशिश अच्छा प्रदर्शन कर अपनी छाप छोड़ने की होगी. मगर इन 20 में से इंग्लैंड एक ऐसी टीम होगी, जिस बेहतर प्रदर्शन और खिताब जीतने के अलावा एक और दबाव होगा- अनुशासन. जी हां, हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली टीम पर अनुशासित रहने का भी दबाव होगा और खिलाड़ी इसमें खरे उतरें, इसके लिए वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका दौरे पर इंग्लिश खिलाड़ियों पर कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है.
इंग्लैंड पर कैसा कर्फ्यू?
पढ़ने में अजीब और हैरान करने वाला लग सकता है लेकिन ऐसा होने जा रहा है. वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए इंग्लिश टीम श्रीलंका दौरे पर है, जहां दोनों के बीच 3 वनडे और 3 टी20 मैच खेले जाने हैं. इस सीरीज की शुरुआत 22 जनवरी से होने जा रही है. मगर उससे पहले ही खिलाड़ियों पर पाबंदी लगाने का फैसला किया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका दौरे पर इंग्लिश खिलाड़ी कर्फ्यू में रहेंगे, जिसके तहत उन्हें देर रात 12 बजे तक हर हाल में अपने होटल के कमरे में पहुंचना होगा.
एशेज विवाद से सीखा सबक
अब अगर आप सोच रहे हैं कि ऐसी पाबंदी क्यों लगाई गई है तो उसकी वजह हालिया घटनाक्रम हैं. असल कुछ ही हफ्तों पहले इंग्लिश टीम एशेज सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी, जहीं उसे 1-4 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. टीम का प्रदर्शन तो लगातार सवालों के घेरे में रहा लेकिन लगातार हो रही हार के बीच कुछ खिलाड़ियों के देर रात तक शराब पीने और नशे की हालत में ऊल-जुलूल हरकतें करने की तस्वीरें सामने आई थीं, जिसके चलते इंग्लिश टीम की जमकर फजीहत और आलोचना हुई थी.
इस सीरीज से ठीक पहले न्यूजीलैंड दौरे पर वनडे सीरीज के बीच टीम के कप्तान हैरी ब्रूक वेलिंग्टन के एक नाइट क्लब में झगड़े में फंसे थे, जिसमें क्लब के बाउंसर ने उन पर हाथ उठाया था. इस घटना का खुलासा भी एशेज हार के बाद हुआ था. रिपोर्ट्स के मुताबिक ये घटना तीसरे वनडे मैच से ठीक पहले वाली रात को वेलिंग्टन के क्लब में हुआ था. इसके लिए ब्रूक पर ECB 30 हजार पाउंड (करीब 30 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया था.

