प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) सेवा का उद्घाटन किया और 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। मेरठ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे उत्तर प्रदेश और देश के लिए विश्वस्तरीय अवसंरचना के नए युग की शुरुआत बताया।प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और नए RRTS सेक्शन का शुभारंभ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में जीवन को “सरल, सुगम और सुविधाजनक” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे आधुनिक कनेक्टिविटी और तेज़ शहरी परिवहन का प्रतीक बताया।इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो दोनों को एक ही प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया गया और वे साझा ट्रैक तथा स्टेशनों पर संचालित होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हो रहा है जब एक ही स्टेशन और ट्रैक से मेट्रो और रैपिड रेल दोनों सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे यात्रियों को एक ही स्थान से शहर के भीतर और सीधे दिल्ली तक आवागमन की सुविधा मिलेगी।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अवसंरचना विकास के प्रति सरकार की कार्यसंस्कृति पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद उन्हें समय पर पूरा करने के लिए दिन-रात काम करती है। उन्होंने उल्लेख किया कि उन्होंने स्वयं नमो भारत और मेट्रो सेवाओं की आधारशिला रखी थी और अब उनका उद्घाटन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने मेरठ मेट्रो में यात्रा भी की और छात्रों व यात्रियों से संवाद किया। उन्होंने इस परियोजना को ‘नारी शक्ति’ का प्रतीक बताया, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में महिला ट्रेन ऑपरेटर और स्टेशन कंट्रोल स्टाफ कार्यरत हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवा थी, जबकि आज 25 से अधिक शहरों में मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन चुका है।उन्होंने सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रेलवे, मेट्रो और बस स्टैंड के एकीकृत ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दैनिक आवागमन आसान होगा और दिल्ली में किराए के मकान में रहने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकसित देश भारत के साथ व्यापार समझौते करने और साझेदारी बढ़ाने के इच्छुक हैं, क्योंकि वे भारत के विकास और युवा शक्ति में भविष्य की संभावनाएं देखते हैं।आर्थिक पहलों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने केंद्रीय बजट में घोषित ₹10,000 करोड़ के विशेष फंड का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को ऋण सुविधा में आसानी प्रदान करना है। उन्होंने बुनकरों और छोटे उद्यमियों के लिए कूरियर के माध्यम से माल भेजने की ₹10 लाख की सीमा हटाने जैसे कदमों का भी जिक्र किया।।इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को होली से पहले प्रदेश के लिए “बड़ा उपहार” बताया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले मेरठ से दिल्ली की दूरी तय करना बड़ी चुनौती थी और 4–5 घंटे लग जाते थे, जबकि अब एक्सप्रेसवे और नमो भारत रैपिड रेल के माध्यम से यह दूरी काफी कम हो गई है।कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विनिर्माण हब के रूप में विकसित किया जा रहा है और एक विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है।
रिपोर्ट – अभिनव गुप्ता

