दिल्ली की शहरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले गिग वर्कर्स के लिए अब राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए गिग वर्कर्स की रोजमर्रा की कठिनाइयों को गंभीरता से उठाया और उनके लिए कई अहम घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार अटल कैंटीन के साथ-साथ शहर में विश्राम केंद्र (रेस्टिंग हब) विकसित करेगी, ताकि लंबे समय तक सड़कों पर काम करने वाले डिलीवरी कर्मियों और अन्य गिग वर्कर्स को आराम, भोजन और जरूरी सुविधाएं मिल सकें।मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि दिल्ली में हजारों गिग वर्कर्स—जो फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स और अन्य ऐप-आधारित सेवाओं से जुड़े हैं—दिनभर दोपहिया वाहनों पर शहर के ट्रैफिक में सफर करते हैं। इस दौरान उन्हें न तो समय पर भोजन मिल पाता है और न ही सुरक्षित स्थान, जहां वे कुछ देर आराम कर सकें या अपने मोबाइल फोन चार्ज कर सकें। यह समस्या न केवल उनकी कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए भी खतरा बन जाती है।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी बुनियादी सुविधाओं की कमी थकान से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बन रही है। कई बार लंबे समय तक बिना आराम किए काम करने की वजह से गिग वर्कर्स की एकाग्रता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।सरकार की योजना के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में अटल कैंटीन के पास ही विशेष विश्राम केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर गिग वर्कर्स को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन मिलेगा, साथ ही बैठने, आराम करने और मोबाइल चार्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे न केवल उनके काम के बीच राहत मिलेगी, बल्कि उनकी सेहत और सुरक्षा में भी सुधार होगा।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टरों में अटल कैंटीनों की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य केवल गिग वर्कर्स ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। यह योजना सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।गिग वर्कर्स के लिए संस्थागत समर्थन को मजबूत करने के लिए सरकार एक “गिग वेलफेयर बोर्ड” के गठन की भी तैयारी कर रही है। रेखा गुप्ता ने कहा कि इस बोर्ड के माध्यम से ऐप-आधारित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी लाभ प्रदान किए जाएंगे। इससे हजारों गिग वर्कर्स को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है, जो आज के डिजिटल युग में शहर की सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।इसके अलावा, सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए भी एक अलग कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा की है। यह बोर्ड इन चालकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देगा। राजधानी में बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, ऐसे में यह कदम उनके जीवन स्तर को सुधारने में सहायक हो सकता है।
रिपोर्ट – अभिनव गुप्ता
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Desk SBN : दिल्ली बजट 2026-27, गिग वर्कर्स को बड़ी राहत, अटल कैंटीन के साथ बनेंगे विश्राम केंद्र और कल्याण बोर्ड का ऐलान
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