लोकसभा में पूछा गया ये सवालImage Credit source: Social Media
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का प्रसार बीते दशकों में तेजी से हुआ है. मौजूदा समय में देशभर के अंदर सीबीएसई से संबद्ध स्कूल संचालित हो रहे हैं. वहीं कई राज्य एजुकेशन बोर्ड अपने स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध भी करा रही हैं. ऐसे में लंबे समय से इसको लेकर चर्चाएं चल रही थी. इसमें सबसे बड़ा सवाल ये ही रहा है कि क्या देश में संचालित हो रहे विभिन्न राज्य एजुकेशन बोर्डों को सीबीएसई में मर्ज करने की योजना पर काम किया जा रहा है? इस संबंध में सवाल बीते दिनों लोकसभा में पूछा गया है.
आइए जानते हैं कि लोकसभा में पूछे गए सीबीएसई और स्टेट बोर्ड को मर्ज किए जाने संबंधी सवाल के जवाब में सरकार ने क्या जवाब दिया है? साथ ही जानेंगे कि सरकार ने देश में एजुकेशन सिस्टम को लेकर क्या जानकारी संसद में दी हैं.
क्या था सवाल ?
संसद का शीतकालीन सत्र जारी है. इस बीच लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से लिखित सवाल पूछा गया था कि क्या नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सीबीएसई और स्टेट एजुकेशन बोर्ड को मर्ज किया जाना है?
क्या दिया सरकार ने जवाब
लोकसभा में पूछे गए इस लिखित सवाल का जवाब केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने दिया है. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने सदन को बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत CBSE और स्टेट बोर्ड को मर्ज नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि NEP में CBSE को स्टेट बोर्ड के साथ मर्ज करने या एक सिंगल नेशनल बोर्ड बनाने की बात नहीं कही गई. उन्होंने जोड़ा कि NEP मेंदेश के सभी एजुकेशन बोर्डों को नई शिक्षा नीति के तहत 5+3+3+4 स्ट्रक्चर अपनाने की सलाह दी गई है, जो 10+2 की जगह लेगा.
प्रत्येक बोर्ड को काम करने की इजाजत
शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि NEP स्कूल बोर्डों को मर्ज या एक करने की कोशिश नहीं करती है. NEP का मकसद हर बोर्ड को अपने अधिकार क्षेत्र में काम करने की इजाजत देना है. तो वहीं NEP का मकसद उम्र के हिसाब से सीखने और करिकुलम अलाइनमेंट पक्का करना है.
PARAKH बनाया गया
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने सदन को बताया कि मंत्रालय छात्रों के मूल्यांकन पर ध्यान दे रहा है. इसके लिए नियम, गाइडलाइंस बनाने और स्कूल इवैल्यूएशन की क्वालिटी सुधारने के लिए नेशनल बॉडी के तौर पर नेशनल असेसमेंट सेंटर, PARAKH बनाया गया है. उन्होंने बताया कि 8 फरवरी, 2023 को PARAKH बनाया गया था.उन्होंने बताया किPARAKH का उद्देश्य लर्निंग स्टैंडर्ड्स की तुलना में सुधार करना और बोर्ड एग्जाम की क्रेडिबिलिटी को मजबूत करना है और देश के 60 से ज़्यादा स्कूल बोर्ड की ऑटोनॉमी का सम्मान करना है.

