अब शासन-प्रशासन शंकारचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मनाने में लग गया है. सूत्रों के मुताबिक, प्रयागराज जिाल प्रशासन शंकराचार्य से माफी मांगने को तैयार हो गया है. वह अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को एक फरवरी को होने वाले माघी पूर्णिमा स्नान के लिए मना रहा है. लखनऊ से भी कुछ बड़े अधिकारी मध्यस्थता करने में लगे हैं. हालांकि शंकराचार्य ने दो शर्त रख दी है. पहली- जिम्मेदार माफी मांगें और दूसरी- चारों शंकराचार्य का प्रोटोकॉल स्नान के लिए लागू किया जाए.
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