सिद्धारमैया के यहां नाश्ते पर पहुंचे DK शिवकुमार
कर्नाटक में सत्तारुढ़ कांग्रेस के अंदर सरकार में शीर्ष पद को लेकर चल रहे अंदरुनी संघर्ष को खत्म करने के लिहाज से आज शनिवार बेहद खास दिन है. आलाकमान के इशारे के बाद राज्य के दोनों प्रमुख नेता मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार आज नाश्ते पर मुलाकात कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि नाश्ते के दौरान शिवकुमार दिल्ली में हुए वादे की याद दिला सकते हैं. यह भी कयास है कि इस बैठक के बाद शिवकुमार दिल्ली के कूच कर जाएंगे.
सूत्रों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री शिवकुमार आज की बैठक के दौरान CM सिद्धारमैया के सामने किए गए वादे का जिक्र कर सकते हैं. उनके करीबी लोगों ने शिव पर यह दबाव डाला है कि वे मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मई 2023 में सरकार बनाने के समय किए गए वादे की याद दिलाएं. वह यह मैसेज दे सकते हैं, दिल्ली में जो तय हुआ था, उसके अनुसार सहयोग करें. वह सुबह करीब 10 बजे मुख्यमंत्री के आवास पर मुलाकात के लिए पहुंचे.
Karnataka Deputy CM DK Shivakumar meets Chief Minister Siddaramaiah at the latter’s residence in Bengaluru
CM Siddaramaiah has invited him for breakfast today.
(Source: CMO) pic.twitter.com/6ijYLg9QXh
— ANI (@ANI) November 29, 2025
बैठक के बाद दिल्ली जाएंगे शिवकुमार!
कहा जा रहा है कि सिद्धारमैया के साथ बहुप्रतिक्षित मुलाकात से पहले शिवकुमार ने अपने करीबी लोगों ने इस संबंध में काफी बातचीत की है. उम्मीद जताई जा रही है कि शिवकुमार इस मुलाकात के बाद आज दोपहर दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं. वह कल ही दिल्ली जाने वाले थे, लेकिन नाश्ते पर बैठक का कार्यक्रम तय होने की वजह से उन्हें यह यात्रा एक दिन के लिए रोकनी पड़ गई. हालांकि उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के छोटे भाई डीके सुरेश कुमार पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ नाश्ते पर होने वाली बैठक में शिवकुमार के अलावा दूसरे मंत्रियों को भी बुलाया गया है. मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के कुछ खास मंत्रियों को बुलाया है. माना जा रहा है कि इसके जरिए वह कर्नाटक कांग्रेस में एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं.
बैठक के दौरान किसी और की एंट्री नहीं
सूत्रों का कहना है कि CM सिद्धारमैया ने आज की इस खास बैठक के लिए अपने स्टाफ को निर्देश दिया है कि नाश्ते पर बैठक के लिए किसी को भी अंदर न आने दिया जाए. दोनों नेताओं की बैठक के दौरान दूसरों की एंट्री नहीं होगी. सिर्फ कुछ जरूरी स्टाफ को ही अंदर जाने दिया जाएगा.
कर्नाटक में सत्तारुढ़ कांग्रेस के अंदर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर संघर्ष 20 नवंबर से शुरू हो गया क्योंकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल का पहला 2.5 साल पूरा हो चुका है. शिवकुमार का गुट अब पार्टी नेतृत्व पर इस बात का दबाव डाल रहा है कि सरकार के गठन के समय किए गए वादों को पूरा किया जाए.

