नोएडा के एक युवक से शेयर मार्केट के नाम पर 5.6 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले दो साइबर ठगों को नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं. यह ठग मेरठ में बैठकर अलग-अलग जगहों के भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे ठगी किया करते थे. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुलिस ने साहब सिंह और नीरज के रूप में की है. दोनों ही मेरठ के रहने वाले हैं.
वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर ठगे 5.6 करोड़ रुपए
नोएडा साइबर सेल की DCP शैव्या गोयल ने जानकारी देते हो बताया कि 30 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-50 के रहने वाले एक युवक ने साइबर सेल थाने में 5.6 करोड रुपए की ठगी का एक मुकदमा दर्ज कराया था. ठगों ने उसे अपने जाल में फंसाकर पैसे दोगुने का लालच देकर एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर जोड़ लिया. इसके बाद पीड़ित उनके जाल में फंस गया और फिर उन्होंने अलग-अलग खातों में 5.6 करोड रुपए ट्रांसफर करा लिए. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साहब सिंह के खाते में अकेले 65,27,404 जमा हुए थे. साहब सिंह के बैंक अकाउंट के खिलाफ 22 शिकायतें NCRP पोर्टल पर पहले से दर्ज थीं.
गिरफ्तारी के बाद गैंग के नेटवर्क का खुलासा
DCP साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ. गैंग के मुख्य सरगना साहब सिंह ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी का काम करता था. पीड़ित की 65 लाख से अधिक की रकम उसके खाते में आई थी. वह रकम निकालकर उसने अपने साथी नीरज को दी. नीरज ने यह पैसे आगे चरणजीत नामक साथी को दिया. साहब सिंह ने बताया कि हमारी यह पूरी चेन कमीशन पर काम करती है. धोखाधड़ी की सारी राशि इन्हीं खातों के माध्यम से घुमाई जाती है. प्रत्येक सदस्य को उसके रोल के हिसाब से कमीशन मिलता है.
एक था BA पास तो दूसरा करता था मजदूरी
DCP साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी साहब और नीरज यह दोनों आपस में दोस्त हैं और मेरठ में ही मजदूरी का काम करते हैं. साहब BA पास है, जबकि नीरज 12वीं फेल है. फिलहाल इनका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है कि अब तक कितने और लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं.
DCP ने साइबर सुरक्षा को लेकर जारी की चेतावनी
DCP शैव्या गोयल ने लोगों को आगाह किया है कि किसी भी अनजान वॉट्सऐप ग्रुप पर शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट पर भरोसा न करें. अत्यधिक लाभ का दावा करने वाले मैसेज पर तुरंत रिपोर्ट करें. केवल मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें. अपना आधार, पैन, बैंक डिटेल किसी को न दें. साइबर ठगी की स्थिति पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें.

